Gokarna Temple : गोकर्ण स्थित जगप्रसिद्ध महाबलेश्वर का ‘आत्मलिंग’ नाली के दूषित जल में डूबा !

नाली के जल का प्रबन्धन करने में नगरपालिका असफल : हिन्दुओं द्वारा तीव्र रोष व्यक्त

  1. कारवार (कर्नाटक) – ‘दक्षिण काशी’ के रूप में जगप्रसिद्ध उत्तर कन्नड जनपद (जिले) के गोकर्ण तीर्थक्षेत्र में यह अनर्थ घटित हुआ । यहां के श्री महाबलेश्वर मन्दिर के ‘आत्मलिंग’ वाले गर्भगृह में नाली का दूषित जल भर गया । मूसलाधार वर्षा के कारण पवित्र आत्मलिंग का स्थान सम्पूर्ण दुर्गन्धयुक्त काले जल से भर गया था । पुरोहितों ने बाल्टियों की सहायता से तत्काल समस्त जल बाहर निकालने के लिए अत्यधिक प्रयत्न किए । पुरोहितों, तथा स्थानीय जनता एवं सहस्रों भक्तों ने ‘मन्दिर के इतिहास में ऐसी दुरावस्था (बुरी व्यवस्था) कभी नहीं आई थी’, ऐसे शब्दों में तीव्र रोष व्यक्त किया ।

उक्त चित्र प्रकाशित करने का उद्देश्य किसी की धार्मिक भावनाएं आहत करना नहीं है । केवल जानकारी के लिए प्रकाशित किया गया है । – संपादक

मन्दिर से करोडों रुपयों की आय प्राप्त होने पर भी नाली के जल का प्रबन्धन योग्य प्रकार से न कर पानेवाली नगरपालिका एवं उसके अधिकारियों के विषय में अत्यधिक दुःख व्यक्त किया जा रहा है । यह केवल तकनीकी कठिनाई न होकर मन्दिर के इतिहास में घटित यह बहुत बडा अनर्थ है । पवित्र क्षेत्र की ओर इस प्रकार से दुर्लक्ष (अनदेखी) करने के लिए प्रशासनिक अधिकारी ही सीधे उत्तरदायी हैं । इस पर तत्काल स्थायी समाधान न निकालने पर तीव्र आन्दोलन करने की चेतावनी पुरोहितों ने दी ।

गर्भगृह से दूषित जल बाहर निकालकर तात्कालिक रूप से गर्भगृह को स्वच्छ किया गया है । तथापि वर्षा ऐसी ही निरन्तर रहने पर यही स्थिति पुनः निर्माण होने का भय व्यक्त किया जा रहा है ।

संपादकीय भूमिका

  • हिन्दुओं के श्रद्धास्थानों के केन्द्र मन्दिरों में ऐसा अनर्थ घटना, यह संतापजनक तो है ही, इसके अतिरिक्त यह प्रशासनिक लापरवाही की पराकाष्ठा है । इस बडी गलती के लिए उत्तरदायित्व निश्चित करके सम्बन्धितों को पदच्युत (बर्खास्त) करना चाहिए ।
  • ऐसी घटना किसी मस्जिद के सन्दर्भ में घटी होती, तो अब तक वहां के प्रशासनिक अधिकारियों के विरोध में फतवे निकाल दिए गए होते !