अमरावती केंद्रीय बस स्टैंड की दुर्दशा देखकर परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक अत्यंत क्रोधित !

  • परिवहन मंत्री का बस स्टैंड पर औचक निरीक्षण

  • विभाग नियंत्रक तथा डिपो प्रबंधक निलंबित !

  • यात्रियों एवं चालक-वाहकों (ड्राइवर - कंडक्टर) के स्वास्थ्य से कोई समझौता न करने का आश्वासन !

परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक (दाएं)

अमरावती – राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने ७ जून की रात्रि १०.१५ बजे अमरावती केंद्रीय बस स्टैंड का औचक निरीक्षण किया । शिवसेना के सम्मेलन से लौटते समय वे बस स्टैंड पहुंचे । इसके कारण राज्य परिवहन महामंडल के अधिकारियों तथा कर्मचारियों में हडकंप मच गया । इस अवसर पर उन्होंने बस स्टैंड की आंतरिक व्यवस्था एवं यात्री सुविधाओं की समीक्षा की । बस स्टैंड परिसर में व्याप्त अस्वच्छता को देखकर वे अत्यंत क्रोधित हुए । संतोषजनक उत्तर न मिलने के कारण उन्होंने विभाग नियंत्रक सचिन डफले तथा डिपो प्रबंधक वैशाली भाकरे को तत्काल निलंबित करने के आदेश दिए ।

महामंडल द्वारा प्रत्येक टिकट पर २ रुपये ‘स्वच्छता कर’ वसूल किए जाने के उपरांत भी बस स्टैंड परिसर में अस्वच्छता, साथ ही चालक-वाहकों के विश्राम गृह तथा शौचालय की दुर्दशा देखकर परिवहन मंत्री अत्यंत क्षुब्ध हुए ।

१. चालक-वाहकों के विश्राम गृह में कुछ गद्दे तथा चटाइयां पडी हुई थीं । इस समय शिवसेना के एक पदाधिकारी ने कहा, ‘‘गद्दे तथा वायु-शीतन यंत्र (कूलर) आज ही लाए गए हैं ।’’

२. सरनाईक द्वारा चालक-वाहकों से पूछताछ करने पर उन्होंने बताया, ‘‘यहां केवल चटाइयां होती हैं । स्वच्छता नहीं की जाती है । केवल एक ही कूलर होता है । बाहरी चालक आकर यहां सोते हैं । बस चालकों तथा वाहकों को पीने के लिए शीतल जल नहीं मिलता है, तथा न ही स्नान के लिए उष्ण जल उपलब्ध होता है ।’’

३. यह सुनकर अत्यंत क्रोधित हुए प्रताप सरनाईक ने बस स्टैंड के शिथिल प्रबंधन के विषय में अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा । (चालक तथा वाहकों के प्रति असंवेदनशील बस स्टैंड प्रशासन ! – संपादक)

४. ‘‘यात्रियों एवं चालक-वाहकों के स्वास्थ्य के साथ कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा’’, ऐसा प्रताप सरनाईक ने इस अवसर पर कहा ।

संपादकीय भूमिका

  • राज्य के सभी बस स्टैंडों पर यदि इस प्रकार से 'औचक' निरीक्षण किया जाए, तो उनका वास्तविक स्वरूप सामने आ जाएगा !
  • 'स्वच्छता कर' वसूलने के बाद भी यात्रियों को असुविधा पहुंचाने वालों से ब्याज सहित दंड की वसूली की जानी चाहिए !