ED Vehicle Attacked : केरल के पूर्व मुख्यमंत्री विजयन के घर पर छापा मारनेवाले ‘ईडी’ अधिकारियों पर समर्थकों का आक्रमण ।

गाडी में भी तोडफोड की ।

(ईडी अर्थात एन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट, यानी प्रवर्तन निदेशालय)

तिरुवनंतपुरम (केरलम) – प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने केरल के पूर्व मुख्यमंत्री तथा वर्तमान विपक्ष के नेता पिनराई विजयन के निवास सहित १० स्थानों पर छापेमारी की । ये छापे उनकी बेटी की कंपनी ‘एक्सालॉजिक सोल्यूशन्स’ से जुडे करोडों रुपये के आर्थिक अनियमितता प्रकरणों में डाले गए । इससे पहले केरलम उच्च न्यायालय ने इस प्रकरण की जांच निरस्त करने की मांग वाली याचिका निरस्त कर दी थी । इस प्रकरण में वर्ष २०२४ में अपराध प्रविष्ट किया गया था ।

छापेमारी के उपरांत जब अधिकारी विजयन के घर से बाहर निकल रहे थे, तब उनके समर्थकों ने अधिकारियों पर आक्रमण कर दिया और मारपीट की । पुलिस द्वारा अधिकारियों को गाडी में बैठाने के पश्चात समर्थकों ने गाडी का पीछा किया एवं पत्थर तथा ईंटों से आक्रमण कर तोडफोड की । गाडी के सभी शीशे तोड दिए गए । सौभाग्य से अधिकारियों को कोई चोट नहीं आई, परंतु एक पुलिस कांस्टेबल घायल हो गया । इस आक्रमण पर विजयन ने कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की । (इससे किसी को भी ऐसा लग सकता है कि वे इस प्रकार के आक्रमण के पक्ष में थे या उन्होंने ही समर्थकों को आक्रमण करने का निर्देश दिया था – संपादक)

“राहुल गांधी को बहुत संतोष मिलेगा ” – पिनराई विजयन

छापेमारी पर प्रतिक्रिया देते हुए विजयन ने कहा कि ईडी लंबे समय से मेरे घर पर छापा मारने का प्रयास कर रही थी । मुझे लगता है कि इस छापे से कुछ लोगों को, विशेष रूप से राहुल गांधी जैसे व्यक्ति को बहुत संतोष मिलेगा । कांग्रेस की भूमिका यह रही है कि उनके अपने दल को छोडकर अन्य दलों के विरुद्ध ईडी की कार्यवाही होती रहनी चाहिए ।

राहुल गांधी ने यह प्रश्न उठाया था कि “पिनराई विजयन के घर पर छापा क्यों नहीं मारा जा रहा तथा उन्हें बंदी क्यों नहीं बनाया जा रहा ?”

विजयन ने भाजपा पर आलोचना करते हुए कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार देश में विपक्षी नेताओं पर जानबूझकर लगातार कार्यवाही कर रही है । इसके विरोध में पूरे देश में जोरदार प्रदर्शन हुए हैं ।

संपादकीय भूमिका

  • ध्यान दें कि केरल में कांग्रेस की सरकार आने के उपरांत ‘ईडी’ अधिकारियों पर आक्रमण होने लगे हैं ।
  • विश्व सहित भारत में साम्यवादियों का इतिहास तथा वर्तमान हिंसा से जुडा रहा है, इसलिए उनसे वैसा ही व्यवहार होने की आशंका रहती है । इस प्रकरण में केंद्र सरकार को हस्तक्षेप कर कठोर कार्यवाही करनी चाहिए ।