मिरज में ‘श्री ज्ञानगिरी स्वामी महाराज ट्रस्ट’ की भूमि पर ‘लैंड जिहाद’ के प्रयास को हिन्दुत्वनिष्ठों ने विफल किया ।

  • प्रशासनिक हस्तक्षेप से अवैध निर्माण बंद कर भूमि सीलबंद ।

  • धर्मांधों ने मिलीभगत कर नियमविरुद्ध समझौते के माध्यम से ट्रस्ट की भूमि हडपने का प्रयास किया था ।

  • ३० दिनों के भीतर अतिक्रमण न हटाने पर तीव्र आंदोलन की चेतावनी ।

श्री ज्ञानगिरी महाराज

मिरज (जिला सांगली), १४ मई (वार्ता .) – यहां धार्मिक तथा ऐतिहासिक विरासत माने जाने वाले ‘श्री ज्ञानगिरी स्वामी महाराज ट्रस्ट’ की शिवाजी रोड स्थित प्लॉट क्रमांक ५७ की खुली भूमि पर धर्मांध अल्ताफ गुलाम हुसैन मणेर ने मिलीभगत तथा नियमविरुद्ध पद्धति से अवैध निर्माण कर ‘लैंड जिहाद’ का प्रयास किया था । इस संदर्भ में हिन्दुत्वनिष्ठों तथा ट्रस्ट के विश्वस्तों द्वारा लडी गई कानूनी लडाई को अंततः सफलता मिली है । प्रशासन ने हस्तक्षेप कर इस अवैध निर्माण को बंद करा दिया है । कोल्हापुर स्थित धर्मादाय आयुक्त कार्यालय ने इस भूमि को सीलबंद कर दिया है तथा ३० दिनों के भीतर यह निर्माण हटाने का आदेश दिया है ।

बक्षीसपत्र की शर्तों का उल्लंघन कर भूमि हडपने का षड्यंत्र 

उक्त भूमि वर्ष १९३४ में स्वर्गीय दौलतराव खरात ने बक्षीसपत्र के माध्यम से ट्रस्ट को प्रदान की थी । इस पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख था कि ‘भूमि का उपयोग ट्रस्ट के मूल उद्देश्य के अतिरिक्त किसी अन्य कारण के लिए नहीं किया जा सकता ।’ इसके बाद भी कुछ दोषारोपित विश्वस्तों ने मिलीभगत कर यह भूमि अल्ताफ मणेर को किराये के समझौते पर देने का प्रयास किया । मणेर ने आनंदा देवमाने, रमेश कारंडे, महादेव कुरणे, बबन सातपुते एवं विशाल सातपुते के साथ मिलीभगत कर ट्रस्ट की इस भूमि को हड़पने का गंभीर प्रयास आरंभ किया था ।

‘श्री ज्ञानगिरी स्वामी महाराज ट्रस्ट’ की भूमि पर अवैध निर्माण ।

प्रशासनिक कार्यवाही तथा हिन्दुत्वनिष्ठों की विजय 

सहायक धर्मादाय आयुक्त, कोल्हापुर ने इस भूमि पर किसी भी प्रकार का निर्माण न करने का अंतरिम आदेश दिया था । इसके बाद भी धर्मांधों द्वारा आदेश की अवहेलना कर निर्माणकार्य जारी रखा गया । विश्वस्त श्री अनिल सातपुते एवं धर्माभिमानी भक्त श्री शिवप्रसाद सातपुते द्वारा की गई शिकायत के पश्चात १३ मई को धर्मादाय आयुक्त कार्यालय की निरीक्षक रागिणी खडके, सांगली-मिरज-कुपवाड महानगरपालिका प्रशासन तथा पुलिस घटनास्थल पर पहुंची तथा अवैध निर्माण बंद कराया । इस प्रकरण में श्री शिवप्रतिष्ठान हिन्दुस्थान के संस्थापक पू . संभाजीराव भिडेगुरुजी ने पालकमंत्री चंद्रकांत पाटिल को घटना की जानकारी दी । पाटिल ने इस विषय में प्रशासन को सहयोग करने के निर्देश दिए । इसके बाद पुलिस एवं प्रशासन ने सकारात्मक भूमिका अपनाई ।

अवैध निर्माण रोकने पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी, हिन्दुत्वनिष्ठ एवं भक्त ।

हिन्दुओं में आक्रोश की तीव्र लहर 

धर्मांधों के इस कृत्य के कारण संपूर्ण हिन्दु समाज, विभिन्न हिन्दुत्वनिष्ठ संगठन, चर्मकार समाज तथा श्री ज्ञानगिरी महाराज के भक्तों में तीव्र आक्रोश व्यक्त किया जा रहा है । ‘यदि यह अवैध निर्माण ३० दिनों के भीतर नहीं हटाया गया, तो तीव्र आंदोलन छेडा जाएगा ।’ ऐसी चेतावनी हिन्दुत्वनिष्ठ सर्वश्री अनिल सातपुते, शिवप्रसाद सातपुते, सरदार सातपुते, राजू सातपुते, विनायक दबडे, श्रीकांत रायमाने तथा राजेंद्र पाटिल सहित अनेक समाजबंधुओं ने दी है । ‘संबंधित दोषारोपित ट्रस्टी तथा आदेश की कार्यवाही टालने वाले कुछ अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध है तथा उनके विरुद्ध कठोर विभागीय तथा कानूनी कार्यवाही होनी चाहिए ।’ ऐसी मांग समाज द्वारा की जा रही है । ‘धार्मिक ट्रस्ट की संपत्ति का संरक्षण करना प्रशासन का दायित्व है तथा भविष्य में ऐसे प्रकारों पर रोक लगाने के लिए कठोर एवं त्वरित कार्यवाही आवश्यक है ।’ ऐसी मांग भी की गई ।

सनातन संस्था के श्रद्धास्थान प . पू . भक्तराज महाराज, श्री ज्ञानगिरी महाराज को गुरुस्थानी मानते थे । श्री ज्ञानगिरी महाराज ने ही प . पू . भक्तराज महाराज (बाबा) को समय-समय पर मिरज आने का निमंत्रण दिया था । प . पू . भक्तराज महाराज प्रतिवर्ष मिरज आकर मठ में भंडारे का कार्यक्रम करते थे ।