Nida Khan Arrest : ‘टी.सी.एस.’ (TCS) धर्मांतरण प्रकरण की मुख्य आरोपी निदा खान बंदी !

  • आश्रय देने वाला ‘ए.आई.एम.आई.एम.’ का पार्षद मतीन पटेल कब्जे में l

  • पूर्व सांसद इम्तियाज जलील की जांच की मांग l

(ए.आई.एम.आई.एम. -AIMIM अर्थात् ‘ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन’ अर्थात् ‘अखिल भारतीय मुसलमान एकता संघ’)

आरोपी निदा खान

छत्रपति संभाजीनगर – नासिक के ‘टी.सी.एस.’ धर्मांतरण प्रकरण की मुख्य आरोपी तथा ४० दिनों से पलायन कर रही निदा खान को पुलिस ने अंततः छत्रपति संभाजीनगर के नरेगांव परिसर स्थित एक सदनिका (फ्लैट) से बंदी बना लिया है । उसके भ्रमणभाष (मोबाइल) के विवरण से इस धर्मांतरण के सूत्र कहां तक फैले हैं, इसकी सूचना अब स्पष्ट होगी । इसके पीछे विदेश से वित्त आपूर्ति तथा अंतरराष्ट्रीय संस्थान होने का गहन संदेह है । हिन्दू महिलाओं के शोषण तथा धर्मांतरण करने वाले नराधमों की सहायता करने में निदा खान की महत्वपूर्ण भूमिका थी ।

निदा खान ने बंदी होने से बचने हेतु गर्भवती होने का चिकित्सकीय प्रमाणपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था; परंतु न्यायालय ने इस प्रकरण के सूत्र ‘अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने’ की बात कहते हुए उसकी जमानत अस्वीकार कर दी । वह जमानत हेतु उच्च न्यायालय जाने की तैयारी में थी । दानिश शेख के भ्रमणभाष के लिखित संवाद (चैट्स) एवं ‘कॉल रिकॉर्ड्स’ से निदा के संभाजीनगर में होने की पुष्टि हुई । नासिक अपराध शाखा, स्थानीय पुलिस तथा राष्ट्रीय अन्वेषण दल (NIA) इन तीनों ने मिलकर यह कार्रवाई की ।

निदा खान को आश्रय देने वाला एम.आई.एम. का पार्षद मतीन पटेल नियंत्रण में !

स्पष्ट हुआ है कि एम.आई.एम. दल के पार्षद मतीन पटेल ने निदा खान को आश्रय दिया था । कौसर क्षेत्र में घर लेकर उसने निदा तथा उसके परिजनों को आश्रय प्रदान किया था । अतः इस पार्षद को भी इस प्रकरण में सह-आरोपी बनाया गया है तथा उसके विरुद्ध अपराध पंजीकृत किया गया है । पटेल से पूछताछ भी की गई ।

इम्तियाज जलील की जांच होनी चाहिए ! – संजय शिरसाट, मंत्री, शिवसेना

निदा खान संभाजीनगर के मलिन बस्ती क्षेत्र में, जहां मादक पदार्थों का व्यापार चलता है, वहां छिपी थी । उसे ‘ए.आई.एम.आई.एम.’ ने सहयोग किया । निदा खान एक मोहरा मात्र है । पुणे , संभाजीनगर सहित सर्वत्र ऐसे प्रकार हो रहे हैं । ए.आई.एम.आई.एम. के इम्तियाज जलील ने पत्रकार परिषद आयोजित कर उसे प्रत्यक्ष समर्थन दर्शाया था । उनकी जांच होनी चाहिए । निदा खान प्रत्येक समय छत्रपति संभाजीनगर ही क्यों आती थी ? पूर्व में भी यह नगर देशद्रोही गतिविधियों हेतु चर्चा में रहा है । २२ से ३० आयु वर्ग के धर्मांध युवाओं को ऐसे कृत्यों हेतु प्रशिक्षित किया जा रहा है तथा उनके पास धन एवं वाहन कहां से आते हैं, इसकी जांच करने की आवश्यकता है ।

पुलिस ने कुशलता से की गिरफ्तारी !

जिस भवन में निदा खान छिपी थी, वह दुर्गम क्षेत्र में था । तकनीकी सूचना के आधार पर पुलिस ने उसके स्थान को खोजकर उस पर गुप्त दृष्टि रखी थी । आरोपी का सटीक स्थान निश्चित होने के पश्चात सादे वेश में पुलिस ने बिना चिह्न वाले वाहनों का उपयोग कर अत्यंत तीव्र एवं नियोजित कार्रवाई करते हुए उसे नियंत्रण में लिया । भीड एकत्र होने, सूचना प्रकट होने अथवा वातावरण बिगडने की संभावना थी, इसलिए पुलिस ने उसे सीधे न्यायाधीश के निवास स्थान पर ले जाकर ‘ट्रांजिट रिमांड’ स्वीकृत कराया तथा रातों-रात नासिक ले आई । यात्रा में भी गोपनीयता बरतते हुए १५ सेकंड में उसे एक वाहन से दूसरे वाहन में स्थानांतरित किया गया ।

ए.आई.एम.आई.एम. एक अतिवादी दल – नितेश राणे !

नितेश राणे

वर्ष २०४७ तक इस्लाम राष्ट्र बनाना इन लोगों का षड्यंत्र है । एम.आई.एम. एक अतिवादी दल है । इस दल में कार्य करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की पृष्ठभूमि की जांच होनी चाहिए । इम्तियाज जलील निदा खान का पक्ष ले रहे थे । इम्तियाज जलील के समर्थन के बिना यह संभव नहीं है । ‘निदा खान आतंकवादी नहीं है, उस पर आरोप लगाए गए हैं’, ऐसा एम.आई.एम. के इम्तियाज जलील ने कहा था ।

संपादकीय भूमिका

आतंकवादियों को आश्रय देने वाले ‘ए.आई.एम.आई.एम.’ दल पर प्रतिबंध क्यों न लगाया जाए ? ‘भगवा आतंकवाद’ का मिथ्या प्रचार करने वाले अब इस दल के विषय में कुछ नहीं बोलेंगे, यह जान लें !