‘जॉनी जॉनी येस पापा’ जैसी आंग्ल (अंग्रेजी) कविताएं बच्चों को असत्य बोलना सिखाती हैं ! – UP Minister Yogendra Upadhyaya

उत्तरप्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय

कानपुर ( उत्तरप्रदेश ) – ‘जॉनी जॉनी येस पापा’ यह अंग्रेजी भाषा की कविता सभी के परिचय की होगी ही । अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों के छोटे बच्चे यह कविता उत्साह से गाते हैं; किंतु यह कविता बच्चों को असत्य बोलना सिखाती है, ऐसा वक्तव्य उत्तरप्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने किया है । कानपुर नगर में आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए उपाध्याय ने यह वक्तव्य दिया । इस अवसर पर उपाध्याय ने उन उत्तम जीवन मूल्यों वाली कुछ हिंदी कविताओं के उदाहरण भी दिए, जिन्हें सुनकर पूर्व की पीढियां बडी हुई हैं । ‘ शिक्षक पाठ्यक्रम के साथ-साथ संस्कार प्रदान करने वाली व्यवस्था विकसित करें ’, ऐसा आवाहन भी उन्होंने किया ।

मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि :

१ . जब शिक्षक गुरु की भूमिका में जाता है, तब वह शिक्षा के साथ-साथ श्रेष्ठ संस्कार दे सकता है । ‘जॉनी जॉनी यस पापा’ इस कविता की ‘इटिंग शुगर नो पापा’ ये पंक्तियां बच्चों को बाल्यावस्था से ही असत्य बोलना सिखाती हैं ।

२ . पाश्चात्य संस्कृति वाली अंग्रेजी कविताएं आज की पीढी को आवश्यक संस्कार प्रदान नहीं कर सकतीं ।

संपादकीय भूमिका

ऐसी कविताएं विगत अनेक दशकों से भारतीय विद्यार्थियों को पढाई जा रही हैं, तब किसी ने उन्हें पाठ्य पुस्तकों से हटाने का साहस क्यों नहीं दिखाया ? तथा क्या अब वे हटाई जाएंगी ? ऐसे प्रश्न उपस्थित होते हैं !