तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं सांसद सौगत रॉय की स्वीकृति !

कोलकाता (बंगाल) – चुनाव के समय तथा उससे पूर्व बंगाल में अत्यंत निम्न स्तर का दादागिरी का वातावरण था । स्थानीय स्तर के नेता तथा ‘दादा’ (गुंडा प्रवृत्ति के लोग) ने अनुचित वातावरण बनाया । उन्होंने जनता से धन की वसूली की, जिससे पक्ष के प्रति जनता में नकारात्मक संदेश गया । यह स्वीकारोक्ति तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तथा सांसद सौगत रॉय ने ‘न्यू १८’ समाचार चैनल को दी ।
जहां ममता बनर्जी कह रही थीं कि चुनाव निष्पक्ष नहीं हुए, वहीं सौगत रॉय ने स्पष्ट रूप से स्वीकार किया कि मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ । एक ओर ममता बनर्जी ने कहा कि “पराजय के पीछे पड्यंत्र है”, वहीं दूसरी ओर रॉय ने प्रामाणिकता से स्वीकार किया कि जमीनी स्तर पर हमारे ही नेताओं की दादागिरी तथा खंडणीखोरी के कारण पक्ष की जड़ें कमजोर हो गई थीं ।
सौगत रॉय द्वारा प्रस्तुत मुख्य बिंदु :
१. स्थानीय स्तर पर सत्ता का दुरुपयोग तथा दादागिरी हुई थी ।
२. पक्ष के विरुद्ध एक बडी सत्ता-विरोधी लहर थी, जिसे नेतृत्व दल समझने में असफल रहा ।
३. हिन्दू मतों का बडे प्रमाण पर एकीकरण हुआ, जो पराजय का एक प्रमुख कारण बना ।
४. केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की कडी अनुशासन व्यवस्था के कारण मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ ।
५. इन मुद्दों पर अभी तक मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ कोई चर्चा नहीं हुई है ।
मुंबई के जुहू समुद्र तट पर कचरे का साम्राज्य !
परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी अवतारी पुरुष हैं ! – जगद्गुरु श्री रामानंदाचार्य नरेंद्राचार्यजी
Waqf Board Scam : समाजवादी पार्टी के शासनकाल में ‘वक्फ बोर्ड’ की भूमि में अरबों रुपये का घोटाला ! — मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी बरेलवी
वर्ष २०२२-२३ में मुंबई के ४ सहस्र ६३ वृक्ष कंक्रीटीकरण (काँक्रिटीकरण) से मुक्त, परंतु अभी भी वे प्रकार निरंतर जारी
काशी, मथुरा तथा संभल के मंदिर-मस्जिद विवाद में सर्वोच्च न्यायालय के मध्यस्थता प्रस्ताव को दोनों पक्षों ने ठुकराया
Ram Mandir Donation Theft : श्रीराम मंदिर दान चोरी प्रकरण में सर्वोच्च न्यायालय का केंद्र तथा उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस