आलोचना होने पर खरगे का लीपापोती करने का प्रयास

चेन्नई (तमिळनाडू) – कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष सांसद मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री मोदी का ‘आतंकवादी’ के रूप में उल्लेख किया; इस पर आलोचना होने के पश्चात उन्होंने लीपापोती करते हुए स्पष्टीकरण देने का प्रयास किया । तमिळनाडू विधानसभा चुनाव के प्रचार के अंतिम दिन, एआईएडीएमके (अखिल भारतीय द्रविड मुन्नेत्र कळघम) के भाजपा गठबंधन में सम्मिलित होने की पृष्ठभूमि पर उन्होंने इस प्रकार की भाषा का प्रयोग किया, ऐसा कहा जा रहा है ।
पत्रकार परिषद में सांसद खरगे ने कहा कि, एआईएडीएमके मोदी के साथ हाथ कैसे मिला सकती है ? वे आतंकवादी हैं । वे समता पर विश्वास नहीं रखते । उनका दल भी समता तथा न्याय पर विश्वास नहीं रखता । ये लोग उनके साथ जा रहे हैं, इसका अर्थ है कि वे लोकतंत्र को दुर्बल कर रहे हैं ।
(और इनकी सुनिए…) ‘मैंने ‘आतंकवादी’ नहीं कहा !’ – सांसद खरगे
खरगे के वक्तव्य पर आलोचना होने के उपरांत उन्होंने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि, मैंने ‘आतंकवादी’ नहीं कहा, मैंने ऐसा कहा कि, वे (प्रधानमंत्री मोदी) लोगों को डराते हैं । मेरा मंतव्य धमकाने के संदर्भ में बोलने का था । मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि, मोदी सदैव धमकाते हैं । मैंने क्रमबद्ध रूप से कहा था कि, आयकर विभाग, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ये सभी संस्थाएं उनके नियंत्रण में हैं । मैंने कभी उन्हें आतंकवादी नहीं कहा । वे लोगों को भयभीत कर रहे हैं ।
खरगे के प्रधानमंत्री मोदी पर पूर्व के आपत्तिजनक वक्तव्य
१. वर्ष २०२३ के कर्नाटक विधानसभा चुनाव में खरगे ने प्रधानमंत्री मोदी की तुलना ‘विषाक्त सर्प’ से की थी ।
२. वर्ष २०२२ के गुजरात विधानसभा चुनाव में उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की तुलना ‘रावण’ से करते हुए प्रश्न किया था कि, ‘क्या आपके पास रावण के समान १०० मुख हैं ?’ ।
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