श्रीरामनवमी के दिन सैकडों हिन्दुत्वनिष्ठों ने लिया रामराज्य की स्थापना का संकल्प !

वाराणसी (उत्तर प्रदेश) में हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से ‘हिन्दू एकता शोभायात्रा’ का आयोजन

शोभायात्रा के समापन के समय घोषणा देते हुए धर्मप्रेमी एवं १ सद्गुरु नीलेश सिंगबाळजी

वाराणसी (उत्तर प्रदेश) – अयोध्या के श्रीराममंदिर में फहराया गया धर्मध्वज ५०० वर्षों के संघर्ष का विजयध्वज है । उसे भारत के प्रत्येक हिन्दू के हृदय में फहराने के उद्देश्य से हिन्दू जनजागृति समिति ने श्रीरामनवमी के शुभमुहूर्त पर भव्य ‘हिन्दू एकता शोभायात्रा’ का आयोजन किया था । इस शोभायात्रा में विभिन्न हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों के पदाधिकारी, अधिवक्ता, व्यापारी संगठनों के प्रतिनिधि व अनेक श्रीरामभक्त सहभागी हुए । शोभायात्रा के समापन के अवसर पर संतों एवं हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों ने प्रभु श्रीराम के चरणों में ‘विश्वकल्याण हेतु भारत में रामराज्य (हिन्दू राष्ट्र) की स्थापना हो’, यह सामूहिक प्रार्थना की व रामराज्य हेतु कार्य करने का संकल्प लिया ।

इस शोभायात्रा में हिन्दू जनजागृति समिति के धर्मप्रचारक सद्गुरु नीलेश सिंगबाळजी की वंदनीय उपस्थिती थी । इस अवसर पर ‘वाराणसी व्यापारी संगठन’ के अध्यक्ष श्री. अजितसिंह बग्गा, महासचिव श्री. कविंद्र जायसवाल, ‘अन्नपूर्णा उद्योग समूह’ के श्री. रवि झुनझुनवाला, ‘गुजराती समाज’के अध्यक्ष श्री. अनिल शास्त्री, ‘अखिल भारतीय मानस प्रचार समिति’ के अध्यक्ष श्री. रविशंकर सिंह, ‘टाऊन हॉल व्यापारी संगठन’ के अध्यक्ष श्री. सुजीत शर्मा, ‘शीतलामाता मंदिर’ के महंत अभिषेक पांडे, ‘जालान परिवार’ की श्र्री. निधि जालान,  ‘स्वर्णकार समाज संघ’के प्रदेशाध्यक्ष श्री. सत्यनारायण सोनी, ‘पहल फाऊंडेशन’ के संस्थापक श्री. सुबोधचंद्र राय, पूर्व प्रधान श्री. जयप्रकाश सिंह, सनातन संस्था की श्रीमती प्राची जुवेकर आदि मान्यवर उपस्थित थे ।

ध्वजपूजन एवं शंखनाद से शोभायात्रा का आरंभ हुआ । सभी के द्वारा प्रभु श्रीराम एवं  पवनपुत्र हनुमान का जयघोष करने से वातावरण चैतन्यमय हुआ था । इस समय अनेक रामभक्तों ने बडे उत्साह के साथ शोभायात्रा में भाग लिया तथा प्रभु श्रीराम की मूर्ति पर फूलों की वर्षा की । काशीविश्वनाथ मंदिर के गेट क्रमांक ४ पर ध्वनियंत्र पर चलाई गई प्रभु श्रीराम रचित शिवस्तुति से वातावरण भक्तिमय बन गया ।

क्षणिका :

१. इस शोभायात्रा के सफल आयोजन में अनेक  हिन्दुत्वनिष्ठों ने अलग-अलग व्यवस्था की ।

२. १३ स्थानों के मार्ग पर व्यापारियों ने यात्रा का स्वागत किया ।

राष्ट्र एवं धर्म के कार्य के लिए प्रतिदिन न्यूनतम १ घंटा समर्पित करें ! – सद्गुरु नीलेश सिंगबाळजी, धर्मप्रचारक, हिन्दू जनजागृति समिति

सद़्गुरु निलेश सिंगबाळजी

हिन्दू धर्म ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ का सिद्धांत सिखाता है । ऐसे हिन्दू धर्म को आधिकारिक संवैधानिक संरक्षण मिले; इसके लिए भारत को हिन्दू राष्ट्र घोषित करना आवश्यक है । यह मांग विश्वकल्याण हेतु तथा हिन्दू संस्कृति के जतन के लिए आवश्यक है । जिस प्रकार गिलहरी ने रामसेतू के निर्माण में अपना योगदान दिया, उसी प्रकार सभी रामभक्त प्रतिदिन ‘श्रीराम जय राम जय जय राम’ नामजप कर राष्ट्र एवं धर्म के कार्य में न्यूनतम १ घंटा समर्पित करें ।