Malda Case : कांग्रेस के प्रत्याशी सायम चौधरी सहित ७ लोगों को बंदी बनाया गया

मालदा (बंगाल) में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के कर्मचारियों को बंधक बनाने का प्रकरण !

कोलकाता – पश्चिम बंगाल के मालदा में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के समय सरकारी कर्मचारियों को बंधक बनाकर हिंसा फैलाने के प्रकरण में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने मोथाबाडी विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के उम्मीदवार सायम चौधरी सहित ७ लोगों को कुछ दिन पूर्व ही बंदी बना लिया है । इनमें ‘इंडियन सेक्युलर फ्रंट’ (ISF) के ग्राम पंचायत सदस्य गुलाम रब्बानी भी सम्मिलित हैं ।

कांग्रेस उम्मीदवार सायम चौधरी और उनके सहयोगियों को मोथाबाडी में चुनाव प्रचार के दौरान बंदी बनाया गया । इस प्रकरण में इससे पहले ‘ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन’ (AIMIM) के नेता मोफक्करुल इस्लाम को भी बंगाल पुलिस ने बंदी बना लिया था ।

१ अप्रैल २०२६ को मालदा में SIR प्रक्रिया के लिए तैनात कर्मचारियों को तृणमूल कांग्रेस एवं कुछ अन्य लोगों द्वारा बंधक बना लिया गया था । इस प्रकरण का संज्ञान सर्वोच्च न्यायालय ने लिया है एवं जांच NIA को सौंप दी गई है ।

संपादकीय भूमिका 

  • ऐसे आरोपियों के विरुद्ध देशद्रोह का अभियोग प्रविष्ट कर उन्हें चुनाव लडने से प्रतिबंधित किया जाना चाहिए !
  • चुनाव जीतने से पहले ही हिंसा करनेवाले कांग्रेस के उम्मीदवार जीतने के पश्चात क्या करेंगे, इसका विचार ही न करना अच्छा है ! ऐसे दल पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए !
  • सामान्यतः हाथ में संविधान लेकर घूमनेवाले कांग्रेस के ‘संविधान रक्षक’ नेता राहुल गांधी सरकारी अधिकारियों को बंधक बनानेवालों को उम्मीदवार बनाते हैं, यह ध्यान रखें !