Census 2027 : १ अप्रैल से आरंभ होगी ‘जनगणना २०२७’ !

जनगणना प्रक्रिया २ चरणों में : पहले चरण में पूछे जाएंगे ३३ प्रश्न !

नई दिल्ली – देशभर में १ अप्रैल से ‘जनगणना २०२७’ की प्रक्रिया आरंभ होगी । इस बार की जनगणना कई विषयों में पहले से अलग और अधिक व्यापक होगी । यह २ चरणों में संपन्न की जाएगी । पहले चरण में दैनिक जीवन से संबंधित कुल ३३ प्रश्न पूछकर जानकारी एकत्र की जाएगी, जबकि दूसरे चरण में जाति-आधारित जानकारी एकत्र की जाएगी, ऐसा केंद्रीय गृह मंत्रालय के रजिस्ट्रार जनरल तथा जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने ३० मार्च को आयोजित प्रेस वार्ता में बताया ।

मृत्युंजय कुमार नारायण

मृत्युंजय कुमार नारायण द्वारा प्रस्तुत मुख्य बिंदु !

१. यह प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होगी । इसमें नागरिकों की जीवनशैली से संबंधित विस्तृत प्रश्न पूछे जाएंगे ।

२. इस बार एकत्र की गई व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी । इसे सूचना का अधिकार कानून के अंतर्गत सार्वजनिक नहीं किया जाएगा । यह जानकारी न्यायालय में साक्ष्य के रूप में उपयोग नहीं की जा सकेगी एवं किसी अन्य संस्था को भी नहीं दी जाएगी । नागरिकों द्वारा दी गई जानकारी पूरी तरह सुरक्षित रहेगी ।

३. जनगणना के पहले चरण में घरों एवं उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी एकत्र की जाएगी, जबकि दूसरे चरण में घर के व्यक्तियों की सामाजिक, आर्थिक एवं अन्य जानकारी पंजीकृत की जाएगी । विशेष बात यह है कि पहली बार स्व-गणना (self-enumeration) की सुविधा दी गई है, जिसके अंतर्गत नागरिक निर्धारित १५ दिनों की अवधि में स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन भर सकेंगे ।

४. स्व-गणना में नागरिक स्वयं जानकारी देंगे, परंतु कर्मचारी घर-घर जाकर पहचान पत्रों के आधार पर सत्यापन करेंगे । इससे त्रुटि की संभावना अल्प रहेगी ।

५. जाति-आधारित जानकारी के विषय में मृत्युंजय कुमार नारायण ने स्पष्ट किया कि यह प्रश्न दूसरे चरण में पूछा जाएगा । प्रश्नों की अंतिम रूपरेखा तय होने के उपरांत इसकी जानकारी दी जाएगी ।

६. सरकार ने पहले चरण के लिए कुल ३३ प्रश्न निर्धारित किए हैं । इसमें घर से संबंधित जानकारी ली जाएगी । परिवार से जुडे प्रश्नों में परिवार प्रमुख का नाम, लिंग, सामाजिक समूह, परिवार के सदस्यों की संख्या, वैवाहिक स्थिति आदि सम्मिलित होंगे । साथ ही घर की सुविधाओं के बारे में भी विस्तृत जानकारी ली जाएगी, जैसे पीने के पानी का स्रोत, बिजली की उपलब्धता, शौचालय है या नहीं तथा उसका प्रकार, जल निकासी की व्यवस्था, रसोईघर एवं गैस कनेक्शन की उपलब्धता आदि ।

७. परिवार की आर्थिक स्थिति एवं संसाधनों का भी आकलन किया जाएगा । घर में टेलीविजन, इंटरनेट, लैपटॉप, मोबाइल फोन, साइकिल, दोपहिया या चारपहिया वाहन हैं या नहीं, इसकी भी जानकारी पंजीकृत की जाएगी ।

८. इस जनगणना में ‘लिव-इन’ (बिना विवाह साथ रहने वाले) संबंधों को भी वैवाहिक श्रेणी में मान्यता दी जाएगी । इस संबंध में दिशा-निर्देश आधिकारिक प्रश्नोत्तर में सम्मिलत किए गए हैं ।

९. इस बार जनगणना पूरी तरह आधुनिक तकनीक के आधार पर की जाएगी । ‘सी-डैक’ द्वारा विकसित डिजिटल प्रणाली के माध्यम से डेटा संग्रह किया जाएगा ।

१०. यह जनगणना प्रक्रिया १ अप्रैल २०२६ से आरंभ होगी, जबकि संदर्भ तिथि १ मार्च २०२७ निर्धारित की गई है । लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश एवं उत्तराखंड जैसे पहाडी एवं बर्फबारीवाले क्षेत्रों में यह प्रक्रिया १ अक्टूबर २०२६ से आरंभ होगी ।

११. इस व्यापक अभियान के लिए लगभग ११ सहस्र करोड रुपये से अधिक का व्यय अपेक्षित है । जिला स्तर के अधिकारी, राज्य तंत्र एवं केंद्र सरकार मिलकर कार्य करेंगे । गृह मंत्रालय की देखरेख में यह पूरी प्रक्रिया निर्धारित समय में पूरी की जाएगी ।