भीड को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त पुलिस व्यवस्था नहीं थी ! – श्रद्धालुओं का दावा
नालंदा (बिहार) – यहां स्थित श्री शीतला माता मंदिर में ३१ मार्च की सुबह हुई भगदड में ९ श्रद्धालुओं की मृत्यु हो गई । इनमें ८ महिलाएं रवान १ पुरुष सम्मिलित हैं । बडी संख्या में लोग घायल भी हुए हैं । शीतला अष्टमी के अवसर पर भारी संख्या में श्रद्धालु मंदिर में पहुंचे थे । वहां मेला भी लगा हुआ था । उपस्थित लोगों के अनुसार, भीड को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त पुलिस व्यवस्था नहीं थी । दर्शन की जल्दी में धक्का-मुक्की आरंभ हो गई तथा कई लोग भीड में दब गए । घटना के उपरांत मंदिर एवं मेला बंद कर दिया गया है । मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को जांच के निर्देश दिए हैं । राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को ६ लाख रुपये, जबकि केंद्र सरकार ने २ लाख रुपये आर्थिक सहायता की घोषणा की है ।
१. महिला श्रद्धालुओं ने बताया कि चैत्र महीने का यह अंतिम मंगलवार था अतः यहां मेला लगा हुआ था । भीड बहुत अधिक बढ गई थी । मंदिर का गर्भगृह भी छोटा है । लोग शीघ्र दर्शन के लिए एक-दूसरे से आगे निकलने का प्रयास कर रहे थे । कोई भी कतार में खडे होकर पूजा करना नहीं चाहता था ।
२. एक श्रद्धालु ने बताया कि सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं थी । मंदिर के अंदर भारी भीड थी तथा कोई पुलिसकर्मी तैनात नहीं था । भीड को नियंत्रित करने या दो कतारों में बांटने की कोई व्यवस्था नहीं थी । मंदिर के पुजारी ही लोगों से शीघ्र दर्शन करके बाहर निकलने के लिए कह रहे थे । इसी समय एक महिला को चक्कर आया तथा वह वहीं गिर गई । कुछ लोग उसे संभालने लगे तथा भीड को पीछे हटाने का प्रयास करने लगे, तभी भगदड मच गई ।
संपादकीय भूमिकाभारत में पिछले कई वर्षों से मंदिरों में इस प्रकार की भगदड की घटनाएं होती रही हैं, परंतु उन पर स्थायी नियंत्रण के लिए सरकार, पुलिस, प्रशासन एवं मंदिर प्रबंधन की ओर से ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं, यह एक गंभीर सत्य है ! |

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