महारानी ताराबाई तथा छत्रपति संभाजी महाराज सहित मराठा साम्राज्य का तेजस्वी इतिहास सामने लाने में बहुत योगदान दिया ।

कोल्हापुर – लगभग ६० वर्षों तक परिश्रम करके ‘मोगलमर्दिनी महारानी ताराबाई’ जैसा प्रमाणिक ग्रंथ लिखने वाले तथा राजाराम महाराज एवं सेनापति संताजी घोरपडे के मराठा साम्राज्य के गौरवशाली इतिहास को प्रस्तुत करने वाले वरिष्ठ इतिहासकार डॉ. जयसिंगराव पवार का २६ मार्च को निधन हो गया । वे ८५ वर्ष के थे ।
‘छत्रपति संभाजी – एक चिकित्सा’ इस ग्रंथ के माध्यम से उन्होंने प्रमाणों के आधार पर छत्रपति संभाजी महाराज पर लगाए गए सभी गलत आरोपों का खंडन किया ।
बहुजन समाज का प्रतिनिधित्व करने वाले पवार के ‘राजर्षि शाहूंची गौरव गाथा’ इस चरित्र ग्रंथ का १५ भारतीय तथा २५ विदेशी भाषाओं में अनुवाद हुआ है ।
उन्होंने बताया कि बहुजन समाज के लिए आरक्षण की संकल्पना सर्वप्रथम शाहू महाराज ने प्रस्तुत की थी ।
वर्ष १९९२ में ‘महाराष्ट्र इतिहास प्रबोधिनी’ की स्थापना करके उन्होंने इतिहास अनुसंधान को जनआंदोलन का स्वरूप दिया ।
मराठा साम्राज्य का गौरवशाली इतिहास बताने वाले उनके २३ शोधग्रंथ हैं तथा उन्हें ११ पुरस्कार प्राप्त हुए हैं ।
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