अराजकतत्वों ने राष्ट्रीय कथाकार महेशानंद महाराज के धार्मिक कार्यक्रम के फलक फाड़े !

  • सोलापुर की ‘हिन्दू राष्ट्र-जागृति सभा’ का प्रसार साहित्य सामाजिक माध्यमों द्वारा प्रसारित किए जाने के कारण

  • अराजकतत्वों पर कार्रवाई हेतु डेढ सहस्र नागरिकों का पुलिस थाने पर मोर्चा

  • वाफले ग्रामवासियों ने ३ दिवस गांव बंद रखकर व्यक्त किया निषेध !

‘श्रीमद्भागवत कथा’ के प्रचार हेतु ग्राम में लगाया गया फलक (होर्डिंग)

सोलापुर – राष्ट्रीय कथाकार महेशानंद महाराज ने ११ मार्च को सोलापुर में आयोजित ‘हिन्दू राष्ट्र-जागृति सभा’ की सूचना ‘व्हाट्सएप’ द्वारा प्रसारित की थी, साथ ही सभा का सामाजिक माध्यमों द्वारा प्रचार किया था । इसके प्रतिशोध की भावना से, मोहोल तहसील के वाफले ग्राम में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम ‘श्रीमद्भागवत कथा’ के फलक समाजकंटकों ने फाड दिए । इन फलकों पर श्रीराम एवं छत्रपती शिवाजी महाराज के चित्र अंकित थे । इस प्रकरण में महाराज की पत्नी श्रीमती सोनाली चव्हाण ने पहल करते हुए डेढ सहस्र नागरिकों सहित पुलिस थाने पर मोर्चा निकाला, साथ ही इस घटना के विरोध में ग्रामवासियों ने ३ दिन तक गांव बंद रखकर अपना निषेध पंजीकृत किया । (हिन्दू राष्ट्र-जागृति सभा का प्रचार करने पर यदि अराजकतत्वों आक्रमण करते हैं, तो यह अत्यंत गंभीर विषय है तथा पुलिस प्रशासन से इस पर कठोर कार्रवाई अपेक्षित है ! हिन्दू राष्ट्र की मांग भारत में नहीं, तो क्या पाकिस्तान में जाकर करनी होगी ? – संपादक)

१. वाफले ग्राम में १९ से २५ मार्च की अवधि में ‘श्रीमद्भागवत कथा’ का आयोजन किया गया है । इसके लिए ग्राम में विभिन्न स्थानों पर श्रीकृष्ण एवं छत्रपती शिवाजी महाराज के चित्रों वाले फलक लगाए गए थे ।

२. १७ मार्च को कुछ अराजकतत्वों ने राष्ट्रीय कथाकार महेशानंद महाराज के निवास स्थान पर गए । महाराज की अनुपस्थिति में अराजकतत्वों ने उनके विषय में पूछताछ करते हुए उनकी पत्नी से अभद्र संवाद किया । (महाराज के घर पर न होने पर वहां जाकर उनके विषय में पूछताछ करने का दुस्साहस समाजकंटक करते हैं; इससे स्पष्ट होता है कि वे कितने उद्दंड एवं निर्लज्ज हैं । अन्य धर्मीय अपने धर्म का प्रसार करने वालों की सहायता करते हैं । इसके विपरीत, हिन्दू धर्म का प्रसार करने वाले हिन्दुओं की सहायता करना तो दूर, जन्महिंदू उन्हें प्रताड़ित करने का कार्य करते हैं ! – संपादक)

महेशानंद महाराज एवं उनकी पत्नी श्रीमती सोनाली चव्हाण

३. इस समय अराजकतत्वों ने अपशब्दों का प्रयोग तथा डरा-धमका कर ‘धार्मिक कार्यक्रम नहीं होने देंगे’, ऐसी धमकी दी । तत्पश्चात उन्होंने ग्राम में लगे धार्मिक कार्यक्रम के फलक फाड दिए ।

४. इस प्रकरण में महेशानंद महाराज की पत्नी श्रीमती सोनाली चव्हाण ने साहस दिखाते हुए अपने नेतृत्व में डेढ सहस्र नागरिकों का पुलिस थाने पर मोर्चा निकाला । उस समय महाराज का कार्यक्रम अन्य स्थान पर चल रहा था, अतः धर्मकार्य में बाधा न आए, इसलिए श्रीमती सोनाली चव्हाण ने महाराज को सूचित किए बिना स्वयं पहल कर समस्त कार्रवाई की ।

‘श्रीमद्भागवत कथा’ के प्रचार हेतु ग्राम में लगाए गए फलक अराजकतत्वों द्वारा फाड़ दिए जाने के बाद शेष रहा ढांचा

५. इस घटना में श्रीमती सोनाली चव्हाण की परिवाद (शिकायत) पर ३ समाजकंटकों के विरुद्ध पुलिस में प्राथमिकी प्रविष्ट की गई है तथा आगामी जांच जारी है ।

६. पुलिस अधीक्षक एवं अधिकारियों ने ग्राम का घूम कर अराजकतत्वों पर कार्रवाई की ।

अराजकतत्वों की बाधाएं आने पर धर्मकार्य दोगुने वेग से आगे बढ़ाने का संकल्प करने वाले महेशानंद महाराज !

इस संदर्भ में अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए महेशानंद महाराज ने कहा, ‘‘हिन्दू धर्म की रक्षा हेतु सनातन के रूप में इस पृथ्वीतल पर भगवान अवतरित हुए हैं । ‘सनातन का प्रत्येक साधक ईश्वर का अंश है’, उस रूप में ईश्वर सनातन धर्म की रक्षा कर रहे हैं । सनातन धर्म की रक्षा करते समय मुझे जो विरोध झेलना पड़ा, उससे मुझे यह प्रमाण मिला है कि यह कार्य ईश्वर तक पहुंच गया है । अब मैं दोगुने उत्साह से धर्म रक्षा का कार्य करुंगा ।’’