अब पडोसी देशों पर आक्रमण नहीं होगा ! – Masoud Pezeshkian, Iranian President

  • ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान की घोषणा

  • पूर्व में किए गए आक्रमणों के लिए क्षमा याचना !

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान

तेहरान (ईरान) / वॉशिंगटन (अमेरिका) / नई देहली – ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने घोषणा की है कि भविष्य में जब तक पडोसी देश अपनी भूमि से ईरान पर आक्रमण नहीं करते, तब तक ईरान उन पर आक्रमण नहीं करेगा । इससे खाडी तथा मध्यपूर्व के देशों पर होने वाले आक्रमण अब रुक गए हैं । निकट भूतकाल में इन देशों पर हुए आक्रमणों के लिए पेजेश्कियान ने पडोसी देशों से क्षमा भी मांगी । उन्होंने कहा कि ईरान इन देशों के साथ तनाव बढाना नहीं चाहता तथा भविष्य में ऐसे आक्रमणों को टालने का प्रयास करेगा ।

ईरान के बिना शर्त आत्मसमर्पण पर ही समझौता होगा ! – ट्रम्प

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने कहा कि वर्तमान अभियान में अमेरिकी सैन्य उत्तम कार्य कर रहा है । इसके कारण अमेरिका ‘अब आगे क्या करना है’, यह निर्धारित करने की स्थिति में है । इसके लिए ईरान की ओर से बिना शर्त आत्मसमर्पण आवश्यक है ।

ट्रम्प के इस कथन पर प्रतिउत्तर देते हुए पेजेश्कियान ने कहा कि ईरान बिना शर्त शरणागति स्वीकार करे, ऐसा स्वप्न देखने वालों को वह स्वप्न अपने साथ ही कब्र में ले जाना चाहिए ।

आज रात्रि ईरान पर सबसे बडा आक्रमण होगा ! – अमेरिका

अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने ‘फॉक्स न्यूज’ से वार्ता करते हुए कहा कि आज (७ मार्च की) रात्रि ईरान पर अब तक का सबसे भीषण आक्रमण किया जाएगा । इस आक्रमण का उद्देश्य ईरान के प्रक्षेपास्त्र (मिसाइल) प्रक्षेपक तथा प्रक्षेपास्त्र निर्माण कारखानों को भारी क्षति पहुंचाना है ।

पुतिन की पेजेश्कियान से दूरभाष पर चर्चा

व्लादिमीर पुतिन एवं पेजेश्कियान

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पेजेश्कियान से दूरभाष पर चर्चा की । इस अवसर पर उन्होंने संघर्ष को तत्काल रोकने तथा शांति की ओर कदम बढाने की आवश्यकता पर बल दिया । पुतिन ने पुनः स्पष्ट किया कि ईरान से संबंधित विवादों का निराकरण शक्ति के प्रयोग से नहीं, अपितु राजनीतिक एवं कूटनीतिक मार्गों से किया जाना चाहिए । वर्तमान परिस्थिति में सभी पक्षों को संयम बरतकर संवाद द्वारा मार्ग खोजना चाहिए, ऐसा उन्होंने कहा ।

रूस ने आक्रमण हेतु ईरान को गोपनीय सूचनाएं उपलब्ध कराईं

‘वॉशिंगटन पोस्ट’ ने समाचार प्रकाशित किया है कि रूस युद्ध में ईरान को गोपनीय सूचनाएं प्रदान कर रहा है । रूस ने ईरान को मध्यपूर्व में स्थित अमेरिकी युद्धपोतों तथा विमानतलों से संबंधित सूचनाएं उपलब्ध कराईं । इसी कारण ईरान इन ठिकानों को लक्ष्य बनाने में सक्षम हो रहा है ।

दूसरी ओर रूस ने कहा है कि ईरान तथा रूस के अधिकारी संपर्क में हैं । तथापि, रूस ईरान को गोपनीय अथवा सैन्य सहायता दे रहा है या नहीं, इस विषय में कुछ भी स्पष्ट नहीं किया गया है ।

पाक में शिया मुसलमानों के आंदोलनों पर गोलीबारी : ३८ मृत

पाकिस्तान के नियंत्रण वाले गिलगित-बाल्टिस्तान के सबसे बडे नगर स्कार्दू में भीषण हिंसा व्याप्त हो गई है । १ मार्च से प्रारंभ हुए आंदोलनों में पाकिस्तानी सेना तथा अर्धसैनिक बलों द्वारा की गई गोलीबारी में बाल्टी-शिया समुदाय के ३८ व्यक्तियों की मृत्यु हो गई । बडी संख्या में आंदोलनकारी घायल भी हुए हैं । इससे रुष्ट होकर आंदोलनकारियों ने सैन्य प्रतिष्ठानों एवं शासकीय कार्यालयों में तोडफोड कर उन्हें अग्नि के हवाले कर दिया । स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने अनेक क्षेत्रों में संचारबंदी (कर्फ्यू) लागू की है ।

कतर द्वारा एल.एन.जी. गैस (LNG) की आपूर्ति बंद करने से पाक संकट में !

युद्ध के कारण पाकिस्तान में ऊर्जा संकट उत्पन्न हो गया है । पाक के पास कच्चे तेल से लेकर एल.एन.जी. गैस (द्रवीकृत प्राकृतिक गैस) तक, केवल कुछ ही दिनों का भंडार शेष है । इसी बीच कतर ने पाकिस्तान को एक सूचना भेजी है, जिसमें लिखा है, ‘पाकिस्तान को होने वाली एल.एन.जी. गैस की आपूर्ति हम बंद कर रहे हैं’ । इस निर्णय से पाकिस्तान जैसे अनेक देशों पर संकट और अधिक बढ गया है । कतर पाक को ९९% , बांग्लादेश को ७२% एवं भारत को ५३% एल.एन.जी. गैस की आपूर्ति करता है । भारत के पास अन्य विकल्प भी उपलब्ध हैं, किंतु पाकिस्तान के पास अन्य विकल्प दृष्टिगोचर नहीं हो रहे । अतः कतर के निर्णय के पश्चात आगे क्या करना है, यह पाकिस्तान के सम्मुख बडी चुनौती है । पाकिस्तान में ऊर्जा आपूर्ति अल्प होने पर बिजली की बडी समस्या हो सकती है l

पाक में पेट्रोल का अभाव

पाकिस्तान वर्तमान में पेट्रोल तथा डीजल की गंभीर न्यूनता से जूझ रहा है । बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा, पंजाब एवं सिंध प्रांतों में लोग पेट्रोल पंपों पर ईंधन न मिलने की शिकायत कर रहे हैं । कई स्थानों पर पेट्रोल पंप रिक्त पडे हैं । इसी बीच पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल के मूल्यों में वृद्धि की घोषणा की है । नए मूल्यों के अनुसार ‘हाई स्पीड डीजल’ का प्रति लीटर मूल्य ३३५ पाकिस्तानी रुपये एवं सामान्य पेट्रोल का प्रति लीटर मूल्य ३२१ पाकिस्तानी रुपये हो गया है । पाक के पास लगभग २४ दिनों का पेट्रोल तथा डीजल का भंडार उपलब्ध है, किंतु युद्ध की स्थिति के कारण अन्य मार्गों से तेल की आपूर्ति सुचारू रूप से नहीं हो रही है ।

भारत पर तेल का संकट नहीं !

पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया था कि भारत के पास लगभग ४५ दिनों का तेल भंडार उपलब्ध है । इसके अतिरिक्त अमेरिका ने भारत को रूस से ३० दिन तेल क्रय करने की छूट दी है, जिससे भारत रूस से बडी मात्रा में तेल क्रय कर सकता है । वर्तमान में भारत के प्रमुख नगरों में पेट्रोल एवं डीजल के मूल्य सामान्य हैं । किसी भी प्रकार की भाव में वृद्धि की घोषणा अभी तक नहीं हुई है l

हॉर्मुज जलडमरूमध्य से भारतीय मालवाहक पोतों का आवागमन जारी

चीन के पश्चात अब भारतीय मालवाहक पोत भी हॉर्मुज जलडमरूमध्य से यात्रा करने लगे हैं । भारत के ‘पुष्पक’ तथा ‘परिमल’ नामक २ मालवाहक पोत इस व्यापारिक मार्ग से पूर्ण गति से जा रहे हैं । इससे पूर्व ईरान ने केवल चीन के मालवाहक पोतों को इस मार्ग से जाने की अनुमति दी थी । परंतु अब भारतीय पाटन भी इस मार्ग पर दिख रहे हैं, इससे ऐसी चर्चा चल रही है कि भारत एवं ईरान में कोई समझौता हुआ है अथवा भारत स्वयं धोखा उठाकर मार्ग क्रमण कर रहा है l ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने भारत के विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर से दूरभाष पर चर्चा की थी, तथा ईरान के उपविदेश मंत्री शाहिद खतीबजादेह नई दिल्ली में आए थे एवं उन्होंने भारतीय अधिकारियों के साथ विदेशमंत्री जय शंकर से भेंट की थी जिसके उपरांत यह घटनाक्रम देखा जा रहा है l

हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर भारत की निर्भरता नहीं

भारत पूर्व में लगभग २७ देशों से तेल आयात करता था, जबकि अब ४० देशों से तेल आयात किया जाता है । इस कारण तेल के लिए हॉर्मुज जलडमरूमध्य के मार्ग पर पूर्ण निर्भरता समाप्त हो गई है । भारत जो कच्चा तेल आयात करता है, उसका केवल ४० प्रतिशत इस मार्ग से आता है, जबकि शेष ६० प्रतिशत तेल अन्य मार्गों से आता है । इसके कारण एक मार्ग बंद होने पर भी देश में ईंधन की आपूर्ति अल्प होने की संभावना नहीं है l

भारत को आपूर्ति किए जाने वाले तेल की जानकारी सार्वजनिक नहीं करेंगे! – रूस

भारत को होने वाले तेल निर्यात के आंकडे सार्वजनिक नहीं किए जाएंगे । विश्व में ऐसे अनेक लोग तथा देश हैं, जो रूस के ऊर्जा व्यापार को क्षति पहुंचाना चाहते हैं । ऐसी परिस्थिति में निर्यात की सूचना गोपनीय रखना ही उत्तम है, ऐसा क्रेमलिन (रूस के राष्ट्रीय अध्यक्ष कार्यालय) के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने स्पष्ट किया है ।

श्रीलंका पर अमेरिका का दबाव

अमेरिका द्वारा श्रीलंका के निकट ईरान के युद्धपोत को डुबोने के पश्चात श्रीलंका की सहायता से ३२ ईरानी सैनिकों को सुरक्षित बचाया गया था । वे श्रीलंका में उपचाररत हैं । अब अमेरिका ने इन सैनिकों को युद्ध की समाप्ति तक वहीं रखने के लिए श्रीलंका पर दबाव बनाया है । इस पर श्रीलंका ने स्पष्ट कहा कि सुरक्षित बचे सैनिकों को उनके देश को सौंपना हमारा उत्तरदायित्व है ।

ईरानी युद्धपोत भारत में रुका

ईरान का एक युद्धपोत ‘आई.आर.आई.एस. लावन’( इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान शिप ) भारत के कोच्चि बंदरगाह पर रुका है । २८ फरवरी को तकनीकी खराबी आने के पश्चात ईरान ने भारत से सहायता मांगी थी । इस पोत पर १८३ सैनिक हैं । यह युद्धपोत हाल ही में भारत में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय नौसेना अभ्यास में सम्मिलित हुआ था ।वापस जाते समय अमेरिका ने आक्रमण कर उसे डुबोया था l इसमें ८७ ईरानी नौसैनिक मारे गए थे l

ईरानी युद्धपोत त्रुटिवश गलत दिशा में फंस गया तथा उस पर आक्रमण हुआ ! – डॉ. एस. जयशंकर

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने हिंद महासागर में अमेरिका द्वारा इरानी युद्धपोत को डुबोने की घटना पर कहा कि ईरानी युद्धपोत भारतीय नौसेना अभ्यास के पश्चात लौट रहा था; किंतु वह त्रुटिवश गलत पक्ष (Side) में फंस गया और ऐसी स्थिति में अमेरिका ने उस पर आक्रमण किया । मैं अंतर्राष्ट्रीय विधि (कानून) का समर्थन करता हूं ।

सउदी अरब के रक्षा मंत्री तथा पाकिस्तानी सेना प्रमुख की भेंट

सउदी अरब के रक्षा मंत्री खालिद बिन सलमान अल सउद ने ६ मार्च को पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर से भेंट की । इस बैठक में सउदी अरब के विरुद्ध ईरान की आक्रामक गतिविधियों पर चर्चा हुई । दोनों पक्षों ने आशा व्यक्त की कि ईरान विवेक से कार्य करेगा तथा त्रुटिपूर्ण निर्णयों से बचेगा ।

इजराइल को खामेनी की गोपनीय सूचनाएं प्रदान करने वाले सैन्य अधिकारी इस्माइल कानी को ईरान ने ही मारा

तेहरान में ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ के वरिष्ठ जनरल इस्माइल कानी को ईरान द्वारा ही मार दिए जाने का दावा किया गया है । उन पर इस्रायल की गुप्तचर संस्था ‘मोसाद’ के लिए जासूसी करने का आरोप है । खामेनी पर हुए आक्रमण के समय कानी बच गए थे, इसके उपरांत उनके संबंध में संशय निर्माण हुआ था l उसके पूर्व भी वे हत्या होने से बच गए थे l कानी ने अयातुल्लाह अली खामेनी का विश्वास घात किया था ऐसा उन पर आरोप था l मात्र ईरान ने इसको अस्वीकार किया है l कानी ईरान की ‘कुद्स फोर्स’ के प्रमुख थे । ईरान ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है ।

ईरान में पुनः भूकंप के झटके

ईरान के बंदर अब्बास नगर के पश्चिमी भाग में ७ मार्च की प्रातः भूकंप के तीव्र झटके अनुभव किए गए । रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता लगभग ४.१ अंकित की गई । धक्का होने पर घर से लोग बाहर निकले l अभी तक कोई जीवित अथवा मालमत्ता को क्षति नही पहुंची है l इससे पूर्व ३ मार्च को भी दक्षिण ईरान में ४.३ तीव्रता का भूकंप आया था ।

दुबई में केवल १० दिनों का अन्न भंडार शेष!

दुबई सहित खाडी देशों में फल और सब्जियां लगभग समाप्त हो गई हैं । हॉर्मुज जलडमरूमध्य व्यापारिक यातायात के लिए बंद है । जेबेल अली बंदरगाह पर हुए आक्रमणों के कारण सब्जी, दूध से बने पदार्थ की आपूर्ति रुक गई है । पासवाले देशोंको इस जलमार्ग से आपूर्ति होती है, वह मार्ग ईरान बंद कर चुका है l बताया जा रहा है कि दुबई में केवल १० दिनों का ही अन्न भंडार शेष है ।