पाकिस्तान तथा बांग्लादेशी जिहादी मुसलमानों के कारण ग्रीस में अवैध मस्जिदों पर कार्यवाही की जा रही है

एथेंस (ग्रीस) – बढती आतंकवादी गतिविधियों के कारण ग्रीस सरकार ने राजधानी एथेंस में अवैध मस्जिदों को बंद करने का अभियान आरंभ किया है । पहले चरण में अधिकारियों ने राजधानी की न्यूनतम (कम से कम) ६० अवैध मस्जिदों को बंद कर दिया है तथा उन्हें चलाने वालों को देश से बाहर निकालने का निर्णय लिया है । ग्रीस के अधिकारियों के अनुसार यह कार्यवाही उन अवैध मस्जिदों के विरुद्ध है, जो आतंकवादियों के आश्रय स्थल बन गई थीं । इनमें से कुछ अवैध मस्जिदें ग्रीक कानून के अनुसार ‘आवश्यक अनिवार्य अनुमति’ के बिना बनाई गई थीं । इस कानून के अनुसार केवल ग्रीस या यूरोपीय संघ के नागरिकों के नेतृत्व वाली पंजीकृत संस्थाएं ही प्रार्थना स्थल बनाने या संचालित करने के लिए आवेदन कर सकती हैं ।
१. ग्रीस सरकार की जांच में सामने आया है कि कुछ अवैध मस्जिदें वर्तमान के वर्षों में ग्रीस में आए पाकिस्तानी तथा बांग्लादेशी नागरिकों द्वारा चलाई जा रही थीं ।
२. अधिकारियों का आरोप है कि इन स्थानों का उपयोग कट्टरपंथी विचारधारा के प्रचार के लिए किया जा रहा था तथा उनका अनियंत्रित विस्तार यूरोप के ३ सहस्र वर्ष से अधिक पुराने इतिहास वाले एथेंस शहर के लिए संकट बन गया था ।
३. ग्रीस में मुसलमानों की जनसंख्या (आबादी) देश की कुल जनसंख्या का लगभग ५ प्रतिशत है, जिनमें अधिकांश तुर्की मूल के हैं । अधिकारियों का कहना है कि यह सूत्र धार्मिक आस्था का नहीं, अपितु अवैध निर्माण और सामाजिक सौहार्द बिगाडने वाली गतिविधियों का है । अवैध मस्जिदों के कारण उन क्षेत्रों में अपराध बढे थे एवं रात के समय मस्जिदों के आसपास का क्षेत्र महिलाओं के लिए असुरक्षित हो गया था ।
४. ग्रीस सरकार का यह निर्णय फरवरी तथा अप्रैल २०२५ में एथेंस में सरकारी कार्यालयों के बाहर हुए बम विस्फोटों सहित आतंकवादी तत्वों से जुडी हिंसक घटनाओं की श्रृंखला के पश्चात लिया गया है । अधिकारियों ने बढती सुरक्षा चुनौतियों के प्रमाण के रूप में वर्ष २०२४ में हुए ३ आतंकवादी आक्रमणों की ओर भी ध्यान दिलाया है ।
५. ग्रीस के अधिकारियों ने कहा है कि अवैध मस्जिदें चलाने वालों पर अभियोग चलाया जाएगा, उन्हें कारावास का दंड दिया जाएगा और अंततः उन्हें देश से बाहर भेज दिया जाएगा ।
६. ग्रीस सरकार ने दोहराया है कि यह कार्यवाही कानून का शासन लागू करने तथा राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के उद्देश्य से की जा रही है ।
संपादकीय भूमिकापिछले ३५ वर्षों से भारत में जिहादी आतंकवाद होने तथा उसके लिए मस्जिदों का उपयोग होने के उपरांत भी भारत ने कभी ऐसी कार्यवाही नहीं की — यह लज्जाजनक है । |
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