मिया मुसलमानों को इतना कष्ट दें कि, वे आसाम छोडकर बांग्लादेश लौट जाएं ! – Himanta Biswa Sarma

​आसाम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा का आवाहन

​(मिया मुसलमान अर्थात बंगाली मुसलमान)

​आसाम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा

गौहाटी (आसाम) – हां, हम मिया मुसलमानों (बंगाली मुसलमानों) के मतों को रोकने का प्रयास कर रहे हैं । उन्हें हमारे देश में नहीं, अपितु बांग्लादेश में मतदान करना चाहिए । वे आसाम में मतदान न कर सकें, इसके लिए हम व्यवस्था कर रहे हैं । मतदाता सूचियों में चल रहे विशेष गहन पुनरावलोकन के विषय में किसी भी आसामी नागरिक को कोई समस्या नहीं हो रही है; परंतु केवल मिया मुसलमान को ही इस प्रक्रिया से कष्ट हो रहा है । यदि मिया मुसलमानों को कठिनाई हो रही है, तो हम उसकी चिंता क्यों करें ? यदि कोई मिया मुसलमान रिक्शा चालक किराये के ५ रुपये मांगता है, तो उसे ४ रुपये ही दें । उसे अत्यंत पीडा दें, जिससे वह आसाम छोडकर पुनः बांग्लादेश चला जाए, ऐसा वक्तव्य आसाम की भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने एक कार्यक्रम में दिया । इस कारण उन पर कांग्रेस एवं अन्य दलों द्वारा आलोचना की गई ।

​‘प्रधानमंत्री मोदी तथा मुख्यमंत्री सरमा क्षमा मांगें !’ – कांग्रेस की मांग

​कांग्रेस ने ‘एक्स’ पर सरमा के इस वक्तव्य को प्रसारित करते हुए कहा कि, यह निकृष्ट वक्तव्य आसाम के मुख्यमंत्री तथा नरेंद्र मोदी के प्रिय नेता हिमंत बिस्व सरमा का है । वे संविधान की शपथ लेकर संविधान का उल्लंघन कर रहे हैं तथा देश में द्वेष के बीज रोपण कर रहे हैं । यह भाजपा-रा.स्व. संघ की घृणास्पद मानसिकता है । यह विधान न केवल अशोभनीय है, अपितु बाबासाहेब के संविधान एवं हमारी गंगा-जमुना संस्कृति (गंगा और यमुना नदियों के तट पर निवास करने वाले हिन्दुओं तथा मुसलमानों के मध्य कथित एकता दर्शाने वाली संस्कृति) पर प्रत्यक्ष आक्रमण है, जिसने प्रत्येक भारतीय को समानता का अधिकार दिया है । (घुसपैठिए मुसलमानों को निष्कासित करना ही संविधान का पालन करना है । ऐसा न करना संविधान का अपमान है तथा कांग्रेस निरंतर यह अपमान करती आई है एवं अब भी करने हेतु कह रही है । – संपादक) हिमंत बिस्व सरमा के इस लज्जास्पद कृत्य के लिए नरेंद्र मोदी तथा भाजपा संपूर्ण देश से क्षमा मांगें, ऐसी मांग कांग्रेस ने की है ।

मुख्यमंत्री सरमा ने मुसलमानों के अपमान के समस्त कीर्तिमान तोडे ! – मौलाना बरेलवी की आलोचना

​‘ऑल इंडिया मुस्लिम जमात’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना (इस्लाम के अभ्यासक) शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने भी मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा पर आलोचना करते हुए कहा कि, सरमा का दृष्टिकोण मुसलमान विरोधी है । मुख्यमंत्री बनने के पश्चात से वे निरंतर मुसलमानों को लक्ष्य बना रहे हैं । सरमा मुसलमानों को घुसपैठिया तथा बांग्लादेशी कह रहे हैं । उन पर अन्याय कर रहे हैं । निर्वाचन समीप आते ही उन्होंने मुसलमानों के विरुद्ध अधिक आक्रामक भूमिका अपनाई है । वे मुसलमानों को ‘मिया’ कहकर उनका अपमान कर रहे हैं । किसी भी परिस्थिति में द्वितीय बार मुख्यमंत्री बनने की उनकी इच्छा है । मुसलमानों का अपमान करने के समस्त कीर्तिमान उन्होंने तोड दिए हैं, ऐसा आरोप उन्होंने लगाया ।