सर्वोच्च न्यायालय का केंद्र सरकार को आवाहन

नई देहली – एसिड फेंककर आक्रमण करनेवाले आरोपियों को कठोर दंड देने की आवश्यकता है । जब तक दंड आरोपी के लिए पीडादायक नहीं होगा, तब तक ऐसे अपराध नहीं रूकेंगे, ऐसा वक्तव्य सर्वोच्च न्यायालय ने एक प्रकरण की सुनवाई करते समय किया । मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायाधीश आर्. महादेवन् एवं न्यायाधीश जॉयमाल्या बागची के तीन सदस्यीय खंडपीठ के सामने इस प्रकरण की सुनवाई हुई ।
उत्तरप्रदेश में सबसे अधिक १३८ अभियोग लंबित !
खंडपीठ द्वारा रखे गए निम्न महत्त्वपूर्ण सूत्र –
१. केंद्र सरकार कानून में संशोधन करने पर विचार करे ।
२. ४ सप्ताह में सभी राज्य एवं केंद्रशासित प्रदेश एसिड आक्रमण की घटनाओं के आंकडें दें ।
३. इन प्रकरणों में दोषियों की संपत्ति जब्त कर पीडित लोगों को सांत्त्वना राशि देने पर क्यों नहीं विचार किया जा सकता ?
४. अब तक १५ उच्च न्यायालयों से एसिड आक्रमणों से संबंधित लंबित प्रकरणों की जानकारी मिली है । उनमें उत्तरप्रदेश में १९८, गुजरात में ११४, बंगाल में ६०, बिहार में ६८, जबकि महाराष्ट्र में एसिड आक्रमण से संबंधित ५८ प्रकरण अभी भी लंबित हैं । ऐसे प्रकरणाें पर प्रधानता से सुनवाई कर पीडितों को न्याय दिलाना चाहिए ।
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