Ajit Pawar Plane Crash : विमान दुर्घटना में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का निधन !

  • राष्ट्रवादी कांग्रेस के ‘दादा’ नहीं रहे !

  • पवार सहित ५ व्यक्तियों की जलकर मृत्यु !

  • दुर्घटना का समय : २८ जनवरी प्रातः ८.४६ बजे ।

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का निधन

बारामती (जिला पुणे) – राज्य के उपमुख्यमंत्री तथा राष्ट्रवादी कांग्रेस के सर्वेसर्वा अजित पवार का विमान दुर्घटना में २८ जनवरी की प्रातः ८ बजकर ४६ मिनट पर निधन हो गया । बारामती में विमान धाव-पट्टी (रनवे) पर उतरने से पूर्व ही तीव्र गति से नीचे आया और विमान में विस्फोट होने से उसके टुकडे हो गए । अग्नि की भीषण लपटें बाहर आने लगीं । इससे पूर्व विमान चालक को संकट का अनुमान होने पर उसने ‘मेडे’ संदेश (संकट में होने की सूचना देने वाला रेडियो संदेश) भेजा था । विमान में अजित पवार के साथ २ विमान चालक, उनके सुरक्षा रक्षक तथा १ ‘क्रू’ सदस्य, इस प्रकार ५ व्यक्तियों की भी इस दुर्घटना में मृत्यु हुई है । दुर्घटना के पश्चात प्रत्यक्षदर्शी स्थानीय ग्रामीणों ने शवों की गंभीर स्थिति का विवरण माध्यमों को दिया । सभी शव बारामती के चिकित्सालय में ले जाए गए । पवार के परिवार में पत्नी सुनेत्रा पवार, तथा जय एवं पार्थ पवार, ये २ पुत्र हैं ।

प्रमुख घटनाक्रम !

  • बारामती में निर्वाचन प्रचार सभा के लिए आ रहे थे पवार !
  • पंचायत समितियों तथा जनपद परिषद निर्वाचनों के लिए मुंबई से किया था प्रस्थान !
  • निजी विमान से प्रातः ८ बजकर १० मिनट पर बारामती की ओर किया था प्रस्थान !
  • बारामती के शारदा प्रांगण में २९ जनवरी को होगा अंत्येष्टि संस्कार !

कार्यकर्ताओं ने किया विलाप !

दोपहर तक चिकित्सालय के बाहर कार्यकर्ताओं की उमडी अपार भीड को नियंत्रित करना पुलिस के लिए कठिन हो रहा था । कार्यकर्ताओं में अत्यंत लोकप्रिय तथा पारिवारिक भावना रखने वाले अजित दादा के नाम से कार्यकर्ताओं ने चिकित्सालय के बाहर अत्यंत विलाप किया । वे अनुशासन, समयपालन, प्रशासन पर पकड, दृढता, तथा स्पष्टवादिता के लिए प्रसिद्ध थे ।

जन्म और शिक्षा !

अजित पवार का मूल ग्राम पुणे जिला की बारामती तहसील का काटेवाडी है । उनका जन्म अहिल्यानगर जिले के देवलाली (प्रवरा) में, उनके ननिहाल में हुआ था । उनकी दसवीं तक की शिक्षा वहीं हुई, जबकि महाविद्यालयीन शिक्षा मुंबई में हुई ।

तथाकथित ४४ वर्षों की राजकीय यात्रा !

शिक्षा पूर्ण होने पर बारामती की सहकारी संस्थाओं से पवार ने सामाजिक एवं राजनीतिक कार्य का प्रारंभ किया । वर्ष १९८२, अर्थात ४४ वर्ष पूर्व उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया । उसी वर्ष सहकारी शुगर (शक्कर) कारखाने के संचालक मंडल में उनका चयन हुआ । अजित पवार वर्ष १९९१ से बारामती विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे थे ।

पितृव्य (चाचा) से हुए पृथक !

वर्ष २०१९ में उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ मिलकर प्रातःकाल शपथ ग्रहण किया था; परंतु शीघ्र ही उन्होंने पद त्याग दिया । तत्पश्चात राष्ट्रवादी कांग्रेस में आंतरिक मतभेद तथा दो गुटों की चर्चा खुले रूप में होने लगी । अजित पवार ने वर्ष २०२३ में तत्कालीन राष्ट्रवादी कांग्रेस के सर्वेसर्वा तथा अपने पितृव्य शरद पवार से पृथक होकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पक्ष के अध्यक्ष पद पर, तथा निर्वाचन चिन्ह पर अपना अधिकार सिद्ध किया । इसके पश्चात उन्होंने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के मंत्रिमंडल में देवेंद्र फडणवीस के साथ उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली । गत वर्ष हुए विधानसभा निर्वाचन में उन्होंने भाजपा के साथ निर्वाचन लडते हुए ४१ स्थान जीते थे तथा इसके पश्चात पुनः एक बार वे उपमुख्यमंत्री बने थे ।

अजित पवार पर ७० सहस्र करोड रुपयों के भ्रष्टाचार का आरोप !

अजित पवार जब वर्ष १९९९ से २००९ की कालावधि में कांग्रेस-राष्ट्रवादी कांग्रेस सरकार में उपमुख्यमंत्री एवं सिंचाई मंत्री थे, तब उन पर जल संसाधन विभाग के विविध कार्यों में अनियमितता, नियम विरुद्ध निविदा प्रक्रिया, तथा परियोजनाओं का मूल्य बढाने जैसे ७० सहस्र करोड रुपयों के भ्रष्टाचार का आरोप लगा था । इस संदर्भ में भ्रष्टाचार निरोधक विभाग ने अन्वेषण कर कुछ प्रकरणों में उन्हें वर्ष २०१९ में दोषमुक्त घोषित किया । वर्तमान में पुत्र पार्थ पवार की ‘अमेडिया संस्था’ के संदर्भ में उजागर हुआ भूमि घोटाला भी उनकी सहमति के बिना नहीं हो सकता, ऐसी चर्चा थी ।

असामयिक निधन अत्यंत आघातकारी ! – प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि अजित पवार जनता के नेता थे । उनका जनसामान्य से दृढ संबंध था । महाराष्ट्र की जनता की सेवा करने में अग्रणी रहने वाले परिश्रमी व्यक्तित्व के रूप में उनका सर्वत्र सम्मान किया जाता था । प्रशासनिक विषयों की उनकी समझ तथा निर्धन एवं दलितों को सक्षम बनाने की उनकी अभिरुचि भी उल्लेखनीय थी । उनका असामयिक निधन अत्यंत आघातकारी एवं दुःखद है । उनके परिजनों तथा असंख्य प्रशंसकों के प्रति मैं श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं । ॐ शांति ।

महाराष्ट्र के लिए दुःखद तथा दुर्भाग्यपूर्ण घटना ! – एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री

यह महाराष्ट्र के लिए दुःखद तथा दुर्भाग्यपूर्ण घटना है । किसी ने स्वप्न में भी नहीं सोचा होगा कि ऐसा होगा । अजित पवार को प्रत्येक विषय का अध्ययन कर बोलने की पद्धति थी । लाडली बहन योजना प्रारंभ होने पर राज्य के लिए उन्होंने उत्तम आर्थिक प्रावधान किया । अजित दादा में स्पष्टवादिता थी, तथा हमने एक समूह के रूप में कार्य किया । समय के महत्त्व को समझने वाला नेता चला गया । अनेक विभागों का उन्होंने संचालन किया था । एक ज्येष्ठ भ्राता को खोने की भावना मेरे मन में है । भविष्य में ऐसी दुर्घटनाएं न हों, इसलिए विमान दुर्घटना का पूर्ण अन्वेषण शासन करेगा ।