बांग्लादेश की अंतरिम सरकार की वार्षिक रिपोर्ट का दावा

ढाका (बांग्लादेश) – बंगलादेश की अंतरिम सरकार ने अल्पसंख्यक समुदायों से संबंधित घटनाओं के संदर्भ में १ वर्ष की समीक्षा रिपोर्ट प्रकाशित की है । इसमें उल्लेख किया गया है कि इस अवधि के में अल्पसंख्यक समुदायों से संबंधित कुल ६४५ प्रकरण पंजीकृत किए गए हैं । इन ६४५ में से केवल ७१ घटनाओं को धार्मिक द्वेष की प्रकृति का माना गया है, जबकि ५७४ प्रकरणों को गैर-धार्मिक द्वेष वाला बताया गया है । धार्मिक द्वेष की घटनाओं में मुख्य रूप से धार्मिक स्थलों या मूर्तियों की तोडफोड जैसे प्रकरण सम्मिलित थे । यह समीक्षा देशभर के पुलिस रिकॉर्ड के आधार पर तैयार की गई है ।
🚩 Bangladesh Interim Government’s White-Washing of Hindu Persecution? 🇧🇩
The interim government’s annual report claims:
🔹 Only 71 out of 645 incidents against minorities were due to ‘Religious Hatred’.
🔹 574 cases labeled as ‘General Crime’ or ‘Personal Disputes’.
🔹 Claims… https://t.co/yQ5gqX7ajy pic.twitter.com/Koj0VwrbNi— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) January 19, 2026
१. रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि शेष अधिकांश प्रकरणों के पीछे भूमि विवाद, पडोसियों के बीच झगडे, राजनीतिक दुश्मनी, चोरी, यौन उत्पीडन एवं व्यक्तिगत शत्रुता जैसे कारण पाए गए हैं तथा उनका सीधा संबंध धर्म से नहीं है ।
२. अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने कहा कि प्रत्येक घटना गंभीर है एवं उनकी अनदेखी नहीं की जा सकती । परंतु अनुचित सूचना एवं भय का वातावरण उत्पन्न न हो, इसके लिए सटीक वर्गीकरण आवश्यक है । अल्पसंख्यकों से संबंधित अधिकांश प्रकरण कानून-व्यवस्था की उन चुनौतियों का भाग हैं जो सभी नागरिकों को प्रभावित करती हैं । संविधान के अनुसार मुस्लिम, हिन्दू, बौद्ध, ईसाई एवं सभी समुदायों की सुरक्षा तथा न्याय सुनिश्चित करना सरकार का कानूनी साथ ही नैतिक दायित्व है ।
३. रिपोर्ट के अनुसार, कई प्रकरणों में पुलिस ने औपचारिक अपराध पंजीकृत किए हैं तथा कुछ स्थानों पर बंदी भी बनाए गए हैं, जबकि शेष प्रकरणों की जांच चल रही है । धार्मिक स्थलों से संबंधित या संवेदनशील घटनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है ।
प्रतिवर्ष हिंसक अपराधों में ३ सहस्र से ३ सहस्र ५०० लोगों की होती है मृत्यु !
राष्ट्रीय स्तर पर सरकार ने स्वीकार किया है कि कानून-व्यवस्था की चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं । प्रतिवर्ष लगभग ३ सहस्र से ३ सहस्र ५०० लोगों की मृत्यु हिंसक अपराधों में होती है; तथापि, सरकार का कहना है कि त्वरित कार्रवाई के कारण स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है ।
संपादकीय भूमिकाबंगलादेश में हिन्दुओं पर हुए आक्रमण धार्मिक घृणा के कारण ही हुए हैं, यह विश्व जानता है । सरकार ऐसी कितनी ही असत्य रिपोर्टें क्यों न प्रकाशित करे, सच परिवर्तित नहीं होगा ! |
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