Gaza Peace Board : गाझा शांति मंडल में सहभागी होने के लिए अमेरिका का भारत को आमंत्रण l

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं डोनाल्ड ट्रम्प

नयी देहली – इस्रायल एवं हमास के मध्य संघर्ष को स्थायी रूप से रोकने के लिए तथा गाझा में स्थायी शांति स्थापित करने के लिए अमेरिका द्वारा ‘गाझा बोर्ड ऑफ पीस’ (गाझा शांति मंडल) की स्थापना की गई है । इस गाझा शांति मंडल में सहभागी होने के लिए अमेरिका ने भारत को आधिकारिक निमंत्रण भेजा है । भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए यह सूचना दी है ।

‘व्हाइट हाउस’ द्वारा भारत को इस संदर्भ में भेजे गए पत्र में कहा गया है कि, मध्य-पूर्व में शांति सुदृढ करने के लिए तथा वैश्विक संघर्ष सुलझाने हेतु एक नवीन दृष्टिकोण स्वीकार करने के लिए भारत के प्रधानमंत्री के रूप में आपको (नरेंद्र मोदी को) हमारे साथ सहभागी होने के लिए आमंत्रित करना, यह हमारा बडा सम्मान है । २९ सितंबर २०२५ के दिन गाझा संघर्ष समाप्त करने के लिए एक व्यापक योजना घोषित की गई थी । यह योजना २० सूत्रीय थी । इस योजना को आगे ले जाने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने मान्यता दी । अब इन सभी स्वप्नों को प्रत्यक्ष में लाने का समय आ गया है । इस योजना के केंद्र में शांति मंडल है जो अब तक का सर्वाधिक प्रभावशाली एवं परिणामकारक मंडल है । जो एक नवीन अंतरराष्ट्रीय संगठन तथा संक्रमणकालीन प्रशासन के रूप में स्थापित किया जाएगा ।

संपादकीय भूमिका 

  • केवल गाझा ही नहीं, अपितु संपूर्ण विश्व में शांति के लिए प्रयत्न होना चाहिए; परंतु आतंकवादियों का कारखाना होने वाले पाकिस्तान का पक्ष लेने वाले अमेरिका द्वारा भारत को आमंत्रण देना, यह दोहरा मापदंड ही है । भारत द्वारा इसे अस्वीकार करना ही उचित है !
  • अमेरिका वेनेजुएला के प्रशासन में हस्तक्षेप कर रहा है, तो ग्रीनलैंड को अधिकार में लेने के लिए वहां के लोगों को भयभीत कर रहा है । इससे विश्व में अशांति फैली है उसका क्या ? अपनी इच्छानुसार स्थानों पर शांति स्थापित करना तथा इच्छानुसार स्थानों पर अशांति फैलाना, यह संतापजनक है !