उत्तरप्रदेश में धर्मांतरण के जाल का प्रमुख करीमुल्ला शाह के फरार साथी को नागपुर से बंदी बनाया गया !

उत्तरप्रदेश एवं नागपुर में आतंकवादविरोधी दल की कार्रवाई !


नागपुर : उत्तरप्रदेश एवं नागपुर के आतंकवादविरोधी दल की संयुक्त कार्रवाई में उत्तरप्रदेश में कार्यरत धर्मांतरण के जाल के सूत्रधार सूत्रधार छांगुरबाबा उपाख्य जलालुद्दीन करीमुल्ला शाह के फरार साथी इरदुल इस्लाम वल्द गुलाम येजदानी को १७ जनवरी को आशीनगर के गौसिया मस्जिद परिसर से बंदी बनाया गया । (स्वयं को ‘बाबा’ नाम लगानेवाले धूर्त मुल्ला ! – संपादक) इससे ‘धर्मांतरण के सिंडिकेट’के तार नागपुर तक जुडे हैं, यह स्पष्ट हुआ । छांगूरबाबा के धर्मांतरण के जाल के लिए धन एवं ‘लॉजिस्टिक्स’ (आपूर्ति व्यवस्था) में भूमिका निभाने का उस पर आरोप है ।

इरदुल की बैंक खाते में करोडों रुपए के संदिग्ध लेनदेन !

इरदुल इस्लाम मूलरूप से नागपुर का निवासी है तथा सौर बिजली संयंत्र (सोलर पैनल) लगाने का उसका व्यवसाय है । उसने यह दावा किया है कि मुझे छांगुरबाबा के आश्रम में सोलर पैनल लगाने का काम मिलने के कारण मैं उसके संपर्क में आया हूं तथा धर्मांतरण के साथ मेरा कोई संबंध नहीं है; परंतु इरदुल के बैंक खाते में किए गए करोडों रुपए के लेनदेन आतंकवादविरोधी दल ने खोजे हैं । यह पैसा निश्चितरूप से कहां से आया ? तथा क्या इन पैसों का उपयोग धर्मांतरण के लिए किया गया है ?, इसकी पुलिस जांच कर रही है ।

कौन है करीमुल्ला शाह ?

जलालुद्दीन उपाख्य करीमुल्ला शाह ‘धर्मांतरण सिंडीकेट’का मुख्य सूत्रधार है । उसके नागपुर शहर में पुराने संबंध थे । उसके उपरांत वह उत्तरप्रदेश गया तथा उसने वहां जाकर धर्मांतरण का बडा जाल बनाकर युवतियों, श्रमिकों, विधवा महिलाओं एवं निराश्रित युवतियों को बडा लालच देकर उनका धर्मांतरण करता था । उसे ५ जुलाई २०२५ को बंदी बनाया गया था । उसकी सहयोगी नीत रोहरा उपाख्य नसरीन भी कारागृह में बंद है । इस रैकेट को खाडी देशों से १०० करोड रुपए का चंदा मिलने की जानकारी मिली है ।

संपादकीय भूमिका 

  • हिन्दुओ, संगठित होकर धर्मांतरण का राष्ट्रव्यापी आक्रमण तोड डालें !
  • अपने सहस्रों धर्मबंधुओं का धर्मांतरण होने की बात किसी के ध्यान में न आना हिन्दुओं की आत्मकेंद्रित प्रवृत्ति का फल है !