Bengaluru Bangladeshi Infiltrators : बेंगलुरु में झूठे भारतीय पहचान पत्रों के आधार पर रह रहे बांग्लादेशी घुसपैठिए बंदी

हिन्दू संगठन के प्रयास से सच्चाई सामने आई ।

हिन्दू कार्यकर्ता पुनीत केरेहळ्ळी (बाएं) और बांग्लादेशी घुसपैठिए (दाएं)

बेंगलुरु (कर्नाटक) – बेंगलुरु के इलेक्ट्रॉनिक सिटी के समीप स्थित पोडू गांव में बांग्लादेशी घुसपैठियों का एक बडा नेटवर्क सामने आया है । साथ ही, व्यवस्थित रूप से झूठे प्रमाणपत्र तैयार किए जाने की सच्चाई भी सामने आई है । हिन्दू कार्यकर्ता पुनीत केरेहळ्ळी तथा ‘हिन्दू जागरण वेदिके’ के कार्यकर्ताओं द्वारा लगातार ३ दिनों तक चलाए गए अभियान में एक ही स्थान पर १० से अधिक परिवारों के अवैध रूप से रह रहे होने का खुलासा हुआ । इन सभी को बंदी बनाया गया है । हिन्दू संगठनों के कार्यकर्ताओं को देखकर कुछ घुसपैठिए अवसर का लाभ उठाकर भाग गए। जानकारी मिली है कि बेंगलुरु एवं आसपास के क्षेत्रों में ऐसे सहस्त्रों घुसपैठिए रह रहे हैं ।

मात्र १५०० रुपये में मिलते हैं झूठे पहचान पत्र –

घुसपैठ करने वाले इन बांग्लादेशी मुसलमानों के पास आधार कार्ड, पैन कार्ड सहित सभी प्रमाणपत्र ऐसे हैं, जो पूरी तरह से वैध प्रतीत होते हैं । पूछताछ में यह सामने आया है कि केवल १५०० रुपये देने पर झूठे आधार कार्ड बनाकर उन्हें ‘भारतीय नागरिक’ के रूप में दर्शाने वाला एक बडा नेटवर्क सक्रिय है ।

बंदी बनाए गए एक घुसपैठिए का बैंक ऑफ बड़ौदा में खाता है तथा उसने बजाज फाइनेंस के माध्यम से लगभग ४.५ सहस्त्र रुपये का ऋण लेकर एक ऑटो-रिक्शा खरीदा है ।

सभी घुसपैठिए पिछले ५ वर्षों से यहां रह रहे थे । उन्होंने यह भी जानकारी दी है कि बांग्लादेश से भारत लाने के लिए १मध्यस्थ दल का एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा है ।

संपादकीय भूमिका 

जो काम पुलिस तथा प्रशासन का है, वह यदि हिन्दू संगठनों को करना पडे, तो देश में घुसपैठियों पर प्रभावी कार्यवाही कैसे होगी ?