US No-Shoes Policy : अमेरिकी तकनीकी संस्थानों ने कार्यालय में कर्मचारियों को चप्पल नही पहनने की अनुमति प्रदान की !

गृह जैसी अनुभूति होने से मानसिक तनाव अल्प होने के कारण आरम्भ की गई पद्धति !

AI निर्मित चित्र

न्यूयॉर्क (अमेरिका) – अमेरिका के तकनीकी, एवं एआई (AI) संस्थानों ने ‘नो-शूज इन दी ऑफिस’, अर्थात् ‘कार्यालय में जूते नहीं पहने, तो भी आपत्ति नहीं’, इस प्रकार की एक नवीन पद्धति आरम्भ की है । एआई संस्थान ‘कर्सर’ से लेकर न्यूयॉर्क के अनेक नवीन तकनीकी संस्थान यह नीति स्वीकार कर रहे हैं । कर्मचारी बाहर अपने जूते निकालते हैं एवं कार्यालय में मोजे तथा चप्पल पहनकर कार्य करते हैं । ऐसा दावा किया जा रहा है कि, इससे उन्हें गृह जैसी अनुभूति होती है, एवं उनका तनाव अल्प होता है तथा आत्मविश्वास बढता है ।

१. एआई संस्थान ‘स्पर’ की सहसंस्थापिका एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्नेहा शिवकुमार ने कहा कि, इस नीति के कारण हमारे कर्मचारियों को कार्यालय उनके दूसरे घर जैसा प्रतीत होता है । मेरे लिए जूते निकालना, यह केवल सुविधा नहीं अपितु आदर का लक्षण है, जैसा भारतीय परिवारों एवं मन्दिरों के सन्दर्भ में होता है ।

२. स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्री निक ब्लूम कहते हैं कि, घर की आदतें कार्यालय में प्रवेश कर रही हैं । यह ‘सिलिकॉन वैली’ की ९-९-६ संस्कृति के सुसंगत है । (सप्ताह के ६ दिन प्रातः ९ से रात्रि ९ बजे तक कार्य करना ।)

३. निक ने ऐसा भी दावा किया कि, तरुण पीढी कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढते उपयोग को उचित प्रतिसाद दे रही है । उनकी इस प्रकार कार्य करने की आदत निवेशकों एवं ग्राहकों को आकर्षित कर सकती है । तथापि सभी कार्यालयों में यह पद्धति स्वीकार करना कठिन है । मानसिक तनाव का कारण बताते हुए संस्थान इस प्रवृत्ति को स्वीकार कर रहे हैं ।

संपादकीय भूमिका 

तकनीकी संस्थान आज अपनी प्रतिभावान संगणकीय प्रणाली (सॉफ्टवेयर) द्वारा विश्व को संचालित कर रहे हैं । तथापि उनके बुद्धिमान कर्मचारियों को तनाव पीडित कर रहा है; किन्तु इस पर वे इस प्रकार के ऊपरी उपाय करते हैं । इसके लिए वास्तव में भारतीय धर्मपरंपरा एवं साधना को अंगीकार करना आवश्यक है, यह उन्हें ध्यान में लेना चाहिए !