(और इनकी सुनिए… ) ‘देश में ‘वन्दे मातरम्’ के नाम पर मुसलमानों को डराया-धमकाया जा रहा है !’ – जम्मू-कश्मीर के मौलाना आगा सैय्यद अब्बास रिजवी

शिया मुसलमानों के महासम्मेलन में जम्मू-कश्मीर के मौलाना आगा सैय्यद अब्बास रिजवी का वक्तव्य

जम्मू-कश्मीर के मौलाना आगा सैय्यद अब्बास रिजवी

लक्ष्मणपुरी (उत्तर प्रदेश) – हमारे युवाओं को ‘भारत माता की जय’ एवं ‘वन्दे मातरम्’ बोलने के नाम पर डराया जा रहा है, ऐसा आरोप जम्मू-कश्मीर के मौलाना आगा सैय्यद अब्बास रिजवी ने लगाया । लक्ष्मणपुरी के बडा इमामबाडा में हुए ‘ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड’ के महासम्मेलन में वे बोल रहे थे । इस महासम्मेलन में भारत के साथ नेपाल, बांग्लादेश से भी २ सहस्त्र मुसलमान आए थे ।

पाकिस्तान की तरह भारत में भी शिया मुसलमानों के साथ अवांछित वर्तन किया जा रहा है !

मौलाना रिजवी ने आगे कहा कि, आप लोग, नेत्रों की ज्योति से भारत को देखते हैं, हम हृदय की ज्योति एवं प्रेम के नेत्र से भारत को देखते हैं। पाकिस्तान में शिया मुसलमानों के साथ जो व्यवहार किया जाता है, वैसा ही यहां भी किया जा रहा है। हमारी जनसंख्या ७ करोड है, तब भी केंद्र एवं राज्य सरकारों में हमारा कोई प्रतिनिधित्व नहीं है। (भारत का विभाजन करके पाकिस्तान निर्माण होने के उपरांत भी वहां मुसलमानों में मतभेद रह गए हैं, तो अब वहां के शिया मुसलमान पाकिस्तान को विभाजित कर एक भिन्न स्वतंत्र देश बना लें एवं भारत के शिया मुसलमान भी वहां चले जाएं ! -संपादक)

यदि भारत में रहना है, तो वन्दे मातरम् का उद्घोष करना ही होगा ! – विधायक केतकी सिंह

विधायक केतकी सिंह

उत्तर प्रदेश के बलिया से भा.ज.पा. की विधायक केतकी सिंह ने मौलाना रिजवी को उत्तर देते हुए कहा कि, यदि भारत में रहना है, तो राष्ट्रगान, राष्ट्रीय गीत एवं राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करना ही पडेगा । आपके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है। मौलाना को इस वास्तविकता का विस्मरण कदापि नहीं होना चाहिए कि, उत्तर प्रदेश में अभी योगी आदित्यनाथ हैं । अधिक दूर जाने की आवश्यकता नहीं है, अभी ही कुछ समय पूर्व बरेली में एक मौलाना को बहुत ज्ञान हो गया था । उन्होंने ज्ञान बांटने का प्रयत्न भी किया था; किन्तु योगी बाबा (योगी आदित्यनाथ) ने उनका सर्व ज्ञान ठंडा कर दिया । मेरी यह मान्यता है कि इस प्रकार का समाज विभाजक ज्ञान मौलान न दें ।

संपादकीय भूमिका 

जिन्हें इस मातृभूमि से प्रेम है, वे स्वयं ‘वन्दे मातरम्’ कहते हैं एवं जिन्हें प्रेम नहीं है, वे नहीं कहेंगे, किन्तु यदि उन्हें किसी ने यह बोलने को कहा तो वे ऐसे ही प्रताडित किए जाने का नाटक करेंगे !