बांग्लादेशी घुसपैठियों के विरुद्ध निर्णायक लडाई, इस विषय पर चर्चासत्र !

भारत मंडपम् – ‘जमात-ए-इस्लामी’ ने वर्ष २०४७ तक भारत को इस्लामी राष्ट्र बनाने का षड्यंत्र रचा है । इस षड्यंत्र का एक पहलू है, जिसके अंतर्गत ‘जमात-ए-इस्लामी’ की ओर से बांग्लादेशी घुसपैठियों को भारत में बसाया जा रहा है । बांग्लादेशी घुसपैठियों की संख्या जानबूझकर बढाई जा रही है, ऐसा वक्तव्य भारत रक्षा मंच नामक संगठन के संस्थापक सूर्यकांत केळकरजी ने दिया । दिल्ली में संपन्न ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ में ‘बांग्लादेशी घुसपैठियों के विरुद्ध निर्णायक लडाई’ विषय पर हुए चर्चासत्र में श्री. सूर्यकांत केळकरजी ने बांग्लादेशी घुसपैठियों के संदर्भ में गंभीर सूत्र प्रस्तुत किए । पांचजन्य नियतकालिक के वरिष्ठ पत्रकार श्री. रितेश कश्यपजी ने इस चर्चासत्र का संचालन किया ।
घुसपैठ पूरे भारत की समस्या है ! – पू. निर्गुणानंद पुरीजी, बंगाल

घुसपैठ केवल सीमावर्ती राज्यों की समस्या है, ऐसी समझ भारत के अन्य राज्यों की दिखाई देती है; परंतु घुसपैठ समस्त भारतवर्ष की समस्या है । मतदाताओं के ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ से (‘स्पेशल इन्टेंसिव रिवीजन’ के कारण) घुसपैठ बंगाल से भाग रहे हैं । विशेष गहन पुनरीक्षण के कारण मतदाता सूची के ५८ लाख १८ सहस्र ४०० लोगों के नाम निरस्त हुए हैं; परंतु ये घुसपैठ भारत के बाहर जाने की अपेक्षा भारत के अन्य राज्यों में जा रहे हैं ।
बंगाल की घुसपैठियों की समस्या वर्ष २००२ से पहले की है ! – सूरज सिंह, श्रीराम स्वाभिमान संगठन, बंगाल
बंगाल में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस सरकार बांग्लादेशी घुसपैठियों की सहायता कर रही है । विशेष गहन पुनरीक्षण में वर्ष २००२ के उपरांत के नागरिकों को अपने जन्म का प्रमाण दिखाना आवश्यक है; परंतु प्रत्यक्ष में बंगाल के घुसपैठियों की समस्या वर्ष २००२ से पहले की है । इसलिए मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण करने पर भी बंगाल में वर्ष २००२ के पहले की मतदाता सूची के नाम निरस्त नहीं हो पाएंगे ।
लव जिहाद, लैंड जिहाद के विरुद्ध हिन्दुत्वनिष्ठ संगठन एकत्र हों ! – अधिवक्ता राजीव कुमार नाथजी, भारतीय मजदूर संघ, असम

लव जिहाद, लैंड जिहाद के प्रकार असम में बढ रहे हैं । यह समस्या केवल असम तक सीमित न होकर संपूर्ण भारत की है । इस समस्या को सुलझाने के लिए यदि विभिन्न हिन्दुत्वनिष्ठ संगठन एकत्र आएं, तो इन संकटों का सामना किया जा सकेगा । असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा घुसपैठियों पर कार्रवाई कर रहे हैं । इस प्रकार की कार्रवाई केंद्र और राज्य सरकार को मिलकर करनी चाहिए । वन क्षेत्र की भूमि पर अवैध रूप से बसने वालों पर भी सरकार द्वारा कार्रवाई की जा रही है ।
| ‘पहले भारत-बांग्लादेश सीमा खुली थी; मात्र नरेंद्र मोदीजी प्रधानमंत्री होने पर सीमा पर तार की बाड लगाई गई। सीमा पर ‘सीसीटीवी कैमरे’ लगाए गए हैं। इससे बांग्लादेशियों की घुसपैठ भारी मात्रा में कम हुई है। घुसपैठियों के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए वर्तमान में घुसपैठ के विरुद्ध कोई कानून नहीं है। इसके लिए स्वतंत्र कानून आवश्यक है। इसके लिए भारत रक्षा मंच द्वारा आंदोलन किया जानेवाला है।’ – सूर्यकांत केळकर |

बरकतउल्ला विश्वविद्यालय का नाम ‘वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय’ होगा!
गुणवत्ता एवं अन्नसुरक्षा के विषय में ‘गोकुल’ संघ की ओर से कभी भी समझौता नहीं किया गया है ।
बांग्लादेश के विरोध के कारण घुसपैठियों को सीमा पार वापस भेजना हुआ कठिन ।
Bengaluru SIR : कर्नाटक में विशेष पुनरावलोकन प्रक्रिया में उजागर हुआ कि बेंगलुरु में ९७ लाख मतदाताओं में से ४ लाख अवैध
TMC Cut Money : बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के नेता उत्कोच (रिश्वत) के रुपये लोगों को कर रहे हैं वापस !
Delhi Hotel Fire : दिल्ली के होटल में लगी भीषण आग में २१ लोगों की मृत्यु