US Lawmakers Oppose Tariffs : भारत पर अमेरिका के आयात शुल्क का अमेरिकी सांसदों द्वारा ही विरोध

वॉशिंगटन (अमेरिका) – अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के आयात शुल्क (Import Duty) के निर्णय को अमेरिका के भीतर से ही बडी चुनौती मिली है । भारत से आयात होने वाली वस्तुओं पर लगाए गए ५० प्रतिशत कर को हटाने का प्रस्ताव अमेरिकी संसद में प्रस्तुत किया गया है । इसके चलते चर्चा हो रही है कि डोनाल्ड ट्रंप के विरुद्ध अमेरिका में बडा विरोध हो सकता है ।

१. तीन प्रभावशाली सांसदों का आक्रामक दृष्टिकोण : ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए बढे हुए आयात शुल्क के विरोध में भारतीय मूल के राजा कृष्णमूर्ति के साथ डेबोराह रॉस एवं मार्क वीसी ने अमेरिकी संसद में एक महत्त्वपूर्ण प्रस्ताव रखा है । इस प्रस्ताव में भारत पर लगाए गए शुल्क को तत्काल निरस्त करने की मांग की गई है ।
सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने इस शुल्क को ‘प्रतिकूल’ बताया । उन्होंने कहा, ‘इस शुल्क के कारण आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) बाधित होती है, अमेरिकी श्रमिकों को हानि होती है एवं उपभोक्ताओं का खर्च बढता है ।’ उनका मानना है कि भारत पर लगा शुल्क हटाने से अमेरिका-भारत संबंध में अधिक सुदृढ़ होंगे तथा आर्थिक एवं सुरक्षा संबंधी सहयोग बढेगा ।

२. महंगाई एवं अवैध शुल्क पर चिंता : सांसद मार्क वीसी ने कहा कि भारत अमेरिका का एक महत्त्वपूर्ण व्यापार भागीदार है । उन्होंने ट्रंप द्वारा लगाए गए शुल्क को ‘अवैध’ बताते हुए उसकी आलोचना की । उन्होंने चिंता व्यक्त की कि इस शुल्क के कारण बढती महंगाई का सामना कर रहे अमेरिका के सामान्य नागरिकों पर बहुत बुरा प्रभाव पड रहा है ।

३. संबंधों में कडवाहट पर चिंता : इससे पहले भी अक्टूबर में १९ सांसदों ने डोनाल्ड ट्रंप को पत्र लिखकर भारत के साथ संबंध सुधारने के लिए शुल्क वापस लेने का अनुरोध किया था । कुछ दिन पूर्व ही डेमोक्रेटिक पार्टी के एक अन्य समूह ने भी अमेरिका-भारत संबंधों के बिगडने पर चिंता जताई है । भारतीय मूल की सांसद प्रमिला जयपाल ने भी संसद में कठोर शब्दों में अपनी बात रखी । उन्होंने बताया कि भारत पर बढे हुए शुल्क के कारण अमेरिका के कई व्यवसाय बंद होने की स्थिति में पहुंच गए हैं ।