हम लंबे समय तक चलने वाले युद्ध की तैयारी कर रहे हैं ! – LT GEN Manjinder Singh

सेना की दक्षिण-पश्चिम कमान के लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह का वक्तव्य

लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह

हिसार (हरियाणा) – यदि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसा युद्ध रूस एवं यूक्रेन के युद्ध की तरह लंबा चलता है, तो इस समय हमें पूर्व सैनिकों की आवश्यकता पड सकती है । एक प्रणाली के माध्यम से उन्हें पुन: देश सेवा में लाया जा सकता है; क्योंकि वे प्रशिक्षित जनशक्ति हैं । उन्हें भी देश में पुन: सेवा करने का अवसर प्राप्त हो सकता है, ऐसा वक्तव्य सेना की दक्षिण-पश्चिम कमान के लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह ने यहां सैन्य अड्डे पर पूर्व सैनिकों की सभा में बोलते हुए दिया ।

लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह ने आगे कहा कि, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के समय हम पर एक कठिन समय आया था । देश में आतंकवादी आक्रमण हुआ एवं उसके उपरांत संपूर्ण देश सेना की कार्रवाई की ओर देख रहा था । हम लंबे समय तक चलने वाली लडाई की तैयारी कर रहे थे । हमने पूर्व सैनिकों की सूची तैयार की थी; किन्तु हमने देखा कि, युद्ध बहुत शीघ्र समाप्त हो गया । ९० घंटों में शत्रु ने घुटने टेक दिए ।

युद्ध की पद्धति बदल गई है !

लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह ने आगे कहा कि, पूर्व काल में युद्ध केवल सेना लडती थी । आगामी काल में युद्ध की पद्धति बदल रही है । इसे ‘नॉन-कॉन्टैक्ट वारफेयर’ एवं ‘कॉन्टैक्ट वारफेयर’ कहा जाता है । वर्तमान में साइबर आक्रमण हो रहे हैं; किन्तु वे कहां से हो रहे हैं, यह ज्ञात नहीं है । आज की लडाई में संपूर्ण देश सहभागी होता है । नागरिक एवं सैन्य बलों को एकत्रित करने का कार्य करना होगा । इसका दायित्व नागरिक प्रशासन का होता है ।

भारतीय सेना अपने २० भिन्न चिकित्सालय स्थापित करेगी !

लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह ने बताया कि, देश में सेना अपने २० भिन्न चिकित्सालय स्थापित करेगी । इनके स्थान भिन्न-भिन्न होंगे । इनमें पूर्व सैनिक एवं सेवारत सैनिक उपचार ले सकेंगे । इस संदर्भ में प्रायोगिक परियोजना चल रही है । जिन पूर्व सैनिकों की उम्र ७० वर्ष से अधिक हो गई है, उन्हें घर-घर तक चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने पर हम काम कर रहे हैं । इसके लिए मंडल स्तर पर स्वयंसेवक नियुक्त किए जाएंगे । संपूर्ण प्रणाली को ‘स्पर्श’ योजना के अंतर्गत जोडा जा रहा है, जिससे सैनिक एक ही स्थान से चिकित्सा प्राप्त कर सकें ।