Tablighi Jamaat Terror Funding : ‘तबलीगी जमात’ ने डॉ. शाहीन को आतंकवादी गतिविधियों हेतु आर्थिक–सहायता की थी !

(तबलीगी जमात अर्थात् मुसलमानों में धार्मिक आचरण बढ़ाने हेतु प्रवचन करने वाली इस्लामी धार्मिक संघटना)

नई देहली – जिहादी चिकित्सकों के आतंकवादी समूह में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली डॉक्टर शाहीन तथा तबलीगी जमात के संबंध उजागर हुए हैं । डॉ. शाहीन को तबलीगी जमात द्वारा आतंकवादी गतिविधियों के लिएआर्थिक सहायता दी जा रही थी । इसी धन से बम निर्माण हेतु स्फोटक सामग्री क्रय की गई – ऐसी सूचना अन्वेषण संस्थाओं को प्राप्त हुई है । यह सूचना प्राप्त होने के उपरांत अब तबलीगी जमात से प्रत्येक व्यक्ति का नाम, पता, भ्रमणभाष–क्रमांक तथा छायाचित्र गुप्तचर विभाग एवं आतंकवाद–विरोधी पथक को देने का आदेश दिया गया है । कोरोना महामारी के पूर्व भी इसी प्रकार की निगरानी की जाती थी, परंतु पश्चात् उसमें शिथिलता आई थी ।

१. डॉ. शाहीन के ७ बैंक–खातों में गत ७ वर्षों में १ करोड ५५ लाख रुपये का लेन देन हुआ है । इसमें वर्ष २०१४ में ९ लाख, वर्ष २०१५ में ६ लाख, वर्ष २०१६ में ११ लाख तथा वर्ष २०१७ में १९ लाख रुपये का हस्तांतरण हुआ । अब यह जांच चल रही है कि यह राशि किसे भेजी गई तथा किसे दी गई ।

२. आतंकवादियों की जांच में २५ से ३० भ्रमणभाष क्रमांक (मोबाइल नंबर) प्राप्त हुए हैं जो वर्तमान में बंद पाए गए हैं । श्रीनगर, पहलगाम, पठानकोट, देहली, सहारनपुर, हापुड, मुरादाबाद, बिजनौर सहित दुबई एवं ओमान तक आतंकवादियों के संबंध होने की सूचना मिली है । यहां ये आतंकवादी गोपनीय प्रकार से बैठकों में सम्मिलित हुए थे । गुप्तचर संस्थाओं को इस्लामी देशों में स्थित कुछ संगठनों की सूचना भी प्राप्त हुई है । इन संगठनों के खातों की जांच चल रही है ।

तबलीगी जमात ने ‘जकात’ के धन का उपयोग आतंकवादियों हेतु किया !

तबलीगी जमात को ‘जकात’ द्वारा (मुसलमानों द्वारा अपनी संपत्ति का कुछ अंश धर्मार्थ दान करना) धन प्राप्त होता रहता है । यही धन तबलीगी जमात ने डॉ. शाहीन को दिया था – ऐसी सूचना मिली है ।

संपादकीय भूमिका 

तबलीगी जमात को अब आतंकवादी संगठन घोषित कर भारत में प्रतिबन्धित करना ही आवश्यक है । कोरोना महामारी के काल में भी इस संगठन पर कोरोना प्रसार करने का आरोप लगाया गया था !