PM Modi Delhi Blast : षड्‌यंत्र करने वालों को पाठ पढाया जाएगा ! – प्रधानमंत्री मोदी

  • लाल किले के पास हुए बम विस्फोट में अमोनियम नाइट्रेट, ईंधन एवं डेटोनेटर का प्रयोग

  • ‘जैश-ए-मोहम्मद’ का हाथ !

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

नई दिल्ली – मैं कल रातभर इस घटना की जांच करने वाली सभी एजेंसियों, महत्त्वपूर्ण व्यक्तियों के संपर्क में था । चर्चा चल रही थी । सूचनाओं का आदान-प्रदान जारी था । हमारी जांच एजेंसियां इस षड्‌यंत्र की जड तक जाएंगी ।

इस षड्‌यंत्र को रचने वालों को हम नहीं छोडेंगे । जो कोई भी इस घटना के लिए उत्तरदायी हैं, उन्हें सबक सिखाया जाएगा, ऐसा दृढ संकल्प प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में लाल किले के पास हुए विस्फोट की घटना पर व्यक्त किया । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भूटान देश की यात्रा पर पहुंचे हैं तथा उन्होंने वहीं से यह संकल्प व्यक्त किया ।

दोषियों को छोडा नहीं जाएगा ! – रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस घटना पर कहा कि मैं देश को यह निश्चितता देना चाहता हूं कि विस्फोट की घटना में दोषी लोगों को किसी भी कीमत पर छोडा नहीं जाएगा।

विस्फोट के पीछे ‘जैश-ए-मोहम्मद’ !

१० नवंबर को लाल किले के पास चांदनी चौक मेट्रो स्टेशन के प्रवेश द्वार १ के बाहर हुआ भीषण विस्फोट जिहादी आतंकवादियों ने किया था, यह जांच में सामने आया है । इस घटना से पहले हरियाणा के फरीदाबाद से २ सहस्र (हजार) ९०० किलो अमोनियम नाइट्रेट अधिग्रहित किया गया था तथा इस प्रकरण में डॉ. अदिल, डॉ. मुजम्मिल एवं उसकी प्रेमिका डॉ. शाहीन शाहीद को बंदी बनाया गया था । इन्हीं का साथी डॉ. उमर नबी ने ही लाल किले के पास आत्मघाती विस्फोट को परिणाम में परिवर्तित किया । इसमें वह स्वयं भी मारा गया । उसने ‘हुंडई’ कंपनी की ‘आई २०’ चार पहिया गाडी का प्रयोग किया था । इसमें २ अन्य लोग भी थे तथा बताया जा रहा है कि उनकी भी इसमें मृत्यु हो गई । यह भी जानकारी सामने आई है कि वे ‘जैश-ए-मोहम्मद’ आतंकवादी संगठन के आतंकवादी थे । वर्तमान में इस प्रकरण में एक व्यक्ति को बंदी बनाकर पूछताछ की जा रही है । प्राथमिक जांच में इस विस्फोट में अमोनियम नाइट्रेट, ईंधन एवं एक डेटोनेटर का प्रयोग किया गया था ।

अनियोजित पद्धति से किया गया विस्फोट !

डॉ. अदिल, डॉ. मुजम्मिल एवं डॉ. शाहीन को बंदी बनाने के उपरांत तथा फरीदाबाद से हथियार एवं विस्फोटक अधिग्रहित होने के पश्चात डॉ. उमर ने बचे हुए विस्फोटकों का क्या करना है, इसकी हडबडी में ही यह विस्फोट किया होगा, ऐसी आशंका व्यक्त की जा रही है । यह संदेह व्यक्त किया जा रहा है कि विस्फोटकों का भंडार उन्हें कहीं और न रख पाने के कारण ही उन्होंने विस्फोट करने का निर्णय लिया । इन सभी को कोई अन्य आदेश दे रहा था तथा वे उसके आदेशानुसार काम कर रहे थे । इन आतंकवादियों का लक्ष्य दिल्ली में कोई अन्य स्थान होने वाला था; परंतु बंदी एवं हथियारों के भंडार के अधिग्रहण के कारण लाल किले के पास विस्फोट किया गया ।

मृतकों में मुस्लिमों की संख्या अधिक होने की संभावना !

इस विस्फोट में आधिकारिक आधिकारिक रूप से १२ लोगों की मृत्यु बताई गई है; परंतु डॉ. उमर के अलावा किसी अन्य का नाम सामने नहीं आया है; तथापि, जिस स्थान पर यह विस्फोट हुआ, उसे मुस्लिम बहुल क्षेत्र बताया जाता है । इसलिए मृतकों में मुस्लिमों की संख्या अधिक होने की संभावना व्यक्त की जा रही है । मृतकों में २ महिलाएं हैं, जबकि २४ लोग घायल हुए हैं । इस स्थान से १०० मीटर की दूरी पर गौरी शंकर मंदिर तथा जैन मंदिर है । यह भी संभावना है कि इन मंदिरों को लक्ष्य बनाने के लिए डॉ. उमर गाडी ले जा रहा था, तभी रास्ते में विस्फोट हो गया ।

डॉ. उमर ३ घंटे गाड़ी में ही बैठा रहा !

इस विस्फोट से पहले डॉ. उमर गाडी सहित यहां की सुनहरी मस्जिद के बाहर की पार्किंग में ३ घंटे तक रुका था । इस समय वह गाडी से एक बार भी बाहर नहीं आया । सीसीटीवी फुटेज से यह जानकारी सामने आई है कि वह यहां किसी की प्रतीक्षा कर रहा था तथा फोन पर बात कर रहा था ।

विस्फोट के लिए प्रयोग में लाई गई गाडी मुस्लिम व्यक्ति की !

पुलिस की जानकारी के अनुसार, विस्फोट हुई चार पहिया गाडी में ३ लोग थे । यह गाडी हरियाणा के गुरुग्राम में सलमान के नाम पर पंजीकृत थी । पुलिस ने सलमान को बंदी बना लिया है । सलमान ने यह गाडी पुलवामा के तारिक को बेची थी । पुलिस उसको ढूंढ रही है । एक वर्ष में यह गाडी ७ बार बेची जा चुकी है । वर्तमान में इसका पंजीकरण गुरुग्राम में है ।

फरीदाबाद से और बडी मात्रा में विस्फोटक अधिग्रहित !

फरीदाबाद के सेक्टर ५६ क्षेत्र से बडी मात्रा में और विस्फोटक सामग्री अधिग्रहित की गई है । इससे पहले यहां २ सहस्र (हजार) ९०० से अधिक अमोनियम नाइट्रेट विस्फोटक मिला था ।

पुलवामा से डॉ. सज्जाद अहमद को बंदी बनाया गया !

विस्फोट के प्रकरण में जम्मू-कश्मीर के पुलवामा से डॉ. सज्जाद अहमद को बंदी बनाया गया है । डॉ. सज्जाद डॉ. उमर का मित्र है ।

डॉ. शाहिना शाहीद ‘जैश’ की महिला शाखा की कमांडर !

डॉ. शाहिना शाहीद ‘जैश’ की महिला शाखा की कमांडर

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, डॉ. शाहिना शाहीद केवल डॉक्टर नहीं थी, अपितु जैश-ए-मोहम्मद की महिला शाखा ‘जमात उल मोमिनात’ की कमांडर थी । वह लक्ष्मणपुरी (उत्तर प्रदेश) के लालबाग में रहने वाली है । इस संगठन की पाकिस्तान में प्रमुख सादिया अजहर है, जो आतंकवादी मसूद अजहर की बहन है, साथ ही कंधार में भारतीय विमान अपहरण के मुख्य सूत्रधार यूसुफ अजहर की पत्नी है ।

गृह मंत्री अमित शाह ने ली बैठक !

विस्फोट के संदर्भ में, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निवास पर ११ नवंबर को सवेरे उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक आयोजित की गई थी । यह बैठक डेढ घंटे तक चली ।

अल फलाह विश्वविद्यालय में जांच जारी !

फरीदाबाद पुलिस ने यहां के अल फलाह विश्वविद्यालय को घेर लिया है । यहां भारी पुलिस बल तैनात है । विश्वविद्यालय में जांच जारी है । डॉ. अदिल, शाहीन एवं मुजम्मिल ये तीनों इस विश्वविद्यालय से जुडे थे । इसके साथ ही, फरीदाबाद के फतेहपुर तगा गांव की मस्जिदों में पुलिस जांच कर रही है । इसी गांव में किराए के मकान में डॉ. मुजम्मिल ने २ सहस्र ५६३ किलो अमोनियम नाइट्रेट रखा था ।

डॉ. उमर की मां एवं भाई पुलिस हिरासत में

जिसने गाडी में विस्फोट किया, वह डॉ. उमर नबी कश्मीर के पुलवामा का रहने वाला है । इस घटना के उपरांत पुलिस ने डॉ. उमर की मां तथा भाई को हिरासत में ले लिया है । उनसे पूछताछ की जा रही है एवं उमर के शव की पहचान करने के लिए उनके ‘डी.एन.ए.’ (डीऑक्सीराइबो न्यूक्लिक एसिड, यानी व्यक्ति की मूल पहचान बताने वाले शरीर के घटक) नमूने लिए गए हैं । डॉ. उमर ने वर्ष २०१७ में श्रीनगर के सरकारी चिकित्सा महाविद्यालय से एम.बी.बी.एस. की शिक्षा पूरी की थी । उमर फरीदाबाद के अल फलाह चिकित्सा महाविद्यालय में डॉक्टर था ।

५०० से अधिक अधिकारियों का जांच दल !

इस विस्फोट के प्रकरण में गुप्तचर विभाग, राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA), राष्ट्रीय सुरक्षा बल (NSG) तथा स्थानीय पुलिस जैसे विभिन्न एजेंसियों के ५०० से अधिक अधिकारियों का दल गठित किया गया है । ये अधिकारी छोटे-छोटे समूह बनाकर इसकी जांच कर रहे हैं । इसमें १ सहस्र से अधिक सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है।

पाकिस्तान वायु सेना ने दी सतर्कता की चेतावनी !

दिल्ली में बम विस्फोट के उपरांत घबराए पाकिस्तान ने राजस्थान की सीमा पर वायु सेना द्वारा पहेरा (गश्त) आरंभ कर दिया है । उनके सशस्त्र बलों के प्रमुखों ने आपातकालीन बैठक ली । प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ देर रात तक बैठकें कीं ।

संपादकीय भूमिका 

  • ‘कोई भी आतंकवादी आक्रमण भारत के विरुद्ध युद्ध समझा जाएगा’, ऐसा भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के समय आधिकारिक रूप से घोषित किया था, इसलिए अब यह आक्रमण युद्ध ही है तथा ‘ऑपरेशन सिंदूर २’ करना आवश्यक है; परंतु इसे अधूरा न छोडकर पाकिस्तान का स्थायी रूप से विनाश किया जाना चाहिए, यही भारतीयों को अपेक्षित है !
  • इस विस्फोट में अब तक कुल ५ डॉक्टर सम्मिलित होने का उजागर हुआ है । विशेष रूप से, इसमें एक महिला डॉक्टर भी समाहित है । इससे क्या समझना चाहिए ? क्या मुस्लिम डॉक्टर बनकर भी जिहादी ही बनेंगे ? उनमें यह जिहादी मानसिकता कहां से उत्पन्न होती है ? इस पर अब देशभर में चर्चा होना आवश्यक है !