(‘हरित पर्यावरण पूरक पटाखे’ का अर्थ है पर्यावरण के अनुकूल पटाखे जो पर्यावरण के लिए न्यूनतम हानिकारक हों और प्रदूषण को भी नियंत्रित करें।)

नई दिल्ली – हमें एक संतुलित दृष्टिकोण स्वीकारना चाहिए; किन्तु हमें पर्यावरण के साथ समझौता नहीं करना चाहिए । सर्वोच्च न्यायालय ने दिल्ली-एन.सी.आर. (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) में दीपोत्सव के समय पटाखे फोडने की अनुमति देते हुए कहा है कि वह कुछ मानकों के साथ के साथ हरित पर्यावरण पूरक पटाखों के उपयोग की अनुमति दे रहा है । इस आदेश के अनुसार, १८ से २१ अक्टूबर तक केवल दिल्ली-एन.सी.आर. में ही पटाखे फोडने की अनुमति होगी । साथ ही, २० अक्टूबर को दिवाली के दिन प्रातः ६ बजे से ७ बजे तक और रात्रि ८ बजे से १० बजे तक हरित पर्यावरण पूरक पटाखे फोडने की अनुमति होगी ।
सर्वोच्च न्यायालय के ५ निर्देश
१. भ्रमण दल प्रत्येक हरित पर्यावरण पूरक पटाखे के निर्माता का नियमित रूप से सत्यापन करेंगे । हरित पर्यावरण पूरक पटाखों के डिब्बे पर लगे क्यूआर कोड को अंतरजाल वाहिनी पर प्रकाशित किया जाएगा ।
२. बाहर से एन.सी.आर. क्षेत्र में पटाखे लाने की अनुमति नहीं होगी ।
३. बनावटी पटाखे पाए जाने पर अनुज्ञप्ति ( लाइसेंस ) निरस्त कर दिया जाएगा ।
४. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण मंडल और राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडळ १८ अक्टूबर से वायु गुणवत्ता सूचकांक का पर्यवेक्षण करेंगे तथा इस संबंध में न्यायालय को एक प्रतिवेदन प्रस्तुत करेंगे ।
५. जल के नमूने भी लिए जाएंगे ।
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