Objectionable Paintings : श्री महाकाली एवं भगवान शिव के नग्न एवं अश्लील चित्रों की प्रदर्शनी !

  • मुंबई के ‘मस्कारा’ कलादालन की घटना !

  • अधिवक्ता विशाल नाखवा की शिकायत के उपरांत हिन्दूद्वेषी चित्रकार टी. वेंकण्णा तथा कालादालन के मालिक अभय मस्कारा के विरुद्ध अपराध पंजीकृत !

अधिवक्ता विशाल नाखवा

मुंबई, २७ सितंबर (संवाददाता) : ऐन नवरात्रि में कुलाबा के ‘मस्कारा’ कलादालन में लगी एक प्रदर्शनी में भगवान शिव एवं श्री महाकालीदेवी के नग्न, अश्लील एवं कामुक चित्र लगाए गए हैं । इस प्रदर्शनी में भगवान शिव एवं देवी श्री महाकाली को संभोग करते हुए बनाए गए चित्र भी लगाए गए हैं । इस प्रकरण में धार्मिक भावनाएं आहत होने के कारण अधिवक्ता विशाल नाखवा ने कुलाबा पुलिस थाने में शिकायत पंजीकृत की है तथा इसके आधार पर उक्त देवताओं के अश्लील चित्र बनानेवाले चित्रकार टी. वेंकण्णा तथा ‘मस्कारा’ कलादालन के मालिक अभय मस्कारा के विरुद्ध अपराध पंजीकृत किया गया है । हिन्दुत्वनिष्ठों ने इन दोनों को बंदी बनाने की मांग की है ।

इस संबंध में पंजीकृत प्राथमिकी में (एफ्.आई.आर्. में) किए गए उल्लेख के अनुसार अधिवक्ता विशाल नाखवा को ‘मस्कारा’ कलादालन में लगी चित्र प्रदर्शनी में हिन्दुओं के देवताओं के अश्लील चित्र लगाने की बात ज्ञात होते ही वे स्वयं यह प्रदर्शनी देखने के लिए वहां पहुंचे, तब उन्हें प्रदर्शनी में उक्त चित्र लगे दिखाई दिए । इस प्रदर्शनी के स्थान पर अधिवक्ता विशाल नाखवा ने जब मस्कारा कलादालन के मालिक अभय मस्कारा को इन अश्लील चित्रों के विषय में पूछा, तब मस्कारा ने इसे चित्रकार का कलात्मक दृष्टिकोण बताकर उसका समर्थन किया । इस प्रदर्शनी में हिन्दुओं के देवताओं के अश्लील चित्र लगाने का समाचार मिलते ही विभिन्न हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों के कार्यकर्ता भी प्रदर्शनी स्थल पर तथा पुलिस थाने पहुंचे । सायंकाल को इस प्रकरण में अपराध पंजीकृत किया गया । इस अवसर पर श्री. मदन रेड्डी, श्री. भरत पटेल, श्रीमती मिताली पटेलसहित अन्य हिन्दुत्वनिष्ठ उपस्थित थे ।

कला के नाम पर बनाए गए अत्यंत आपत्तिजनक चित्र !

यह पढकर जिन हिन्दुओं का लहू नहीं खौलता वे हिन्दू ही नहीं हैं !

इस प्रदर्शनी में लगे एक चित्र में श्री महाकालीदेवी को नग्नावस्था में दिखाकर उनके एक हाथ में तलवार, कमल, ज्वाला तथा काटा हुआ मस्तक दिखाया गया है । अन्य चित्रों में श्री महाकाली देवी का उग्र रूप देखने को मिलता है; परंतु उन चित्रों में देवी को आभूषणों से युक्त तथा कमर में हाथों की माला दिखाई देती है; परंतु इस चित्र में देवी के स्तन एवं योनि दिखाकर उन्हें कामुक पद्धति से दिखाया गया है । उसमें देवता के प्रति का आदरभाव बिल्कुल भी दिखाई नहीं देता । चित्र में देवी के केश बिखरे हुए दिखाए गए हैं । श्री महाकालीदेवी के चरणों में भगवान शिव को नग्न स्थिति में पडा हुआ दिखाया गया है तथा भगवान शिव के लिंग को श्री महाकालीदेवी की योनि की दिशा में दिखाकर चित्र से कामुकता दिखाने का प्रयास किया गया है । इसके साथ ही प्रदर्शनी में लगे अन्य चित्रों में भी श्री दुर्गादेवी एवं भगवान शिव के नग्न एवं अश्लील चित्र लगाए गए हैं ।

हिन्दुत्वनिष्ठों का विरोध ध्यान में आते ही प्रदर्शनी बंद की गई !

हिन्दुत्वनिष्ठों के विरोध का संज्ञान लेकर तथा अधिवक्ता विशाल नाखवा की शिकायत पर इस कलादालन के बाहर पुलिसकर्मियों का पहरा लगाया गया है । हिन्दुत्वनिष्ठों का विरोध ध्यान में लेकर २६ सितंबर की दोपहर से यह प्रदर्शनी बंद रखी गई है । देवताओं के अश्लील चित्रों की इस प्रदर्शनी के विषय में हिन्दुत्वनिष्ठों में तीव्र क्षोभ है ।

संपादकीय भूमिका

  • ऐसे हिन्दुद्वेषियों को तत्काल फांसी हो; इसके लिए समस्त हिन्दू सरकार पर दबाव बनाएं !
  • एक हिन्दूद्वेषी चित्रकार द्वारा ऐसा साहस दिखाया जाना १०० करोड हिन्दुओं के लिए लज्जाप्रद ! अपराध पंजीकृत करने के साथ ही सरकार इस कलादालन पर ताला लगाकर उसके मालिक को आजीवन कारागृह में बंद करे !
  • ऐसा कृत्य अन्य धर्मियों के आस्था के केंद्रों के संदर्भ में करने का साहस कभी नहीं दिखाया जाता, इसे ध्यान में लें ! यदि ऐसा हुआ होता, तो अब तक पूरे देश में दंगे भडक जाते ! हिन्दुओं को न्यूनतम इसके विरुद्ध एकत्रित तो होना चाहिए !
  • हिन्दू संगठित न होने से तथा वे धर्मशिक्षित न होने से ही हिन्दुओं के देवताओं के अश्लील चित्र बनाए जाते हैं, यह बात हिन्दुओं के ध्यान में कब आएगी ?
  • देश के सभी हिन्दुओं को देवताओं के अनादर के विरुद्ध कृति करनेवाले हिन्दुत्वनिष्ठों का आदर्श सामने रखें !