US On Kashmir : कश्मीर सूत्र पर मध्यस्थता से अमेरिका का नकार !

कश्मीर भारत तथा पाकिस्तान के बीच का सूत्र होने की भूमिका !

अगर कोई मदद मांगे तो ऐसा करने की संभावना !

भारत के प्रधानमंत्री मोदी, अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़

वाशिंगटन (अमेरिका) – हमारा भारत तथा पाकिस्तान को एक साथ लाने का कोई उद्देश्य नहीं है, न ही हम कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता करने की योजना बना रहे हैं । यह हमारी दीर्घकालिक नीति है । कश्मीर भारत तथा पाकिस्तान इन दोनों के आपस का प्रश्न है ; लेकिन अगर कोई हमसे मदद की अपेक्षा करता है, तो हम मदद के लिए तैयार हैं । ट्रम्प के पास इस समय कई अन्य अनेक प्रश्न हैं । इसलिए, एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि भारत तथा पाकिस्तान मिलकर कश्मीर मुद्दे को सुलझाएंगे । अधिकारी ने इस वृत्त की पुष्टि की है कि रूस से ऊर्जा क्रय के विषय में भारत तथा अमेरिका के बीच सकारात्मक बातचीत चल रही है ।

अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए ५० प्रतिशत आयात शुल्क और ‘एच- १ बी’ अनुमति पत्र शुल्क में वृद्धि के कारण भारत तथा अमेरिका के बीच तनावपूर्ण स्थिति निर्माण हो गई है । कहा जा रहा है कि दोनों देशों के बीच संबंधों को पूर्ववत करने के प्रयास किए जा रहे हैं । इस बारे में एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा है कि, “मोदी तथा ट्रंप जल्द ही मुलाकात करेंगे । दोनों के बीच अच्छे संबंध हैं । हम इस समय ‘क्वाड शिखर सम्मेलन’ के आयोजन पर काम कर रहे हैं । यह सम्मेलन इस वर्ष के अंत तक या अगले वर्ष के आरम्भ में नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा । भारत-अमेरिका संबंध अपनी पुरानी स्थिति में लौट रहे हैं । जल्द ही सकारात्मक प्रगति देखने को मिलेगी ।”

संपादकीय भूमिका

पल-पल अपनी बात बदलने वाले अमेरिका पर कौन भरोसा करेगा ? यह स्पष्ट है कि यह भारत को खुश करने के लिए अमेरिका द्वारा रची गई एक काल्पनिक कहानी है, ताकि भारत फिर से अमेरिका से तेल खरीदे !