नाशिक में विदेशी नागरिकों को ठगनेवाले ‘कॉल सेंटर’ पर सीबीआई द्वारा उद्ध्वस्त !

  • चार लोगों को बंदी बनाया गया

  • ८ भ्रमणभाष, ८ संगणक संच तथा ५ लाख रुपये जब्त

(‘कॉल सेंटर’ अर्थात ग्राहकों को ऑनलाइन सेवा देनेवाला प्रतिष्ठान)

नाशिक – ब्रिटेन के नागरिकों को पॉलिसी के नाम पर ठगनेवाले खुटवडनगर स्थित अवैध ‘कॉल सेंटर’ पर केंद्रीय अन्वेषण विभाग (सीबीआई) ने छापा मारा । मुख्य आरोपी गणेश विष्णु कामणकर, श्याम कामणकर सहित मुंबई के अन्य चार लोगों को बंदी बनाया गया । इगतपुरी के एक ‘रिसॉर्ट’ पर हुई कार्यवाही के बाद यह एक माह के भीतर दूसरी बडी कार्यवाही है । अन्वेषण विभाग ने प्रतिष्ठान से बनावट बीमा पॉलिसी की सूची, ८ भ्रमणभाष, ८ संगणक संच, ‘सर्वर’ की प्रणाली एवं ५ लाख रुपये की नकदी सहित ‘डिजिटल’ साक्ष्य जब्त किए ।

खुटवडनगर में ‘ मेसर्स स्वैगन बिजनेस सोल्युशन्स प्रा. लि.’ नाम से यह ‘कॉल सेंटर’ चलाया जा रहा था । छापेमारी के समय ६० से अधिक कर्मचारी संगणक पर कार्यरत मिले । बीमा दलाल अथवा सरकारी अधिकारी होने का दिखावा करके ये लोग ब्रिटेन के नागरिकों को ठग रहे थे । इस प्रकरण में सीबीआई के ठाणे पुलिस ठाणे में प्रकरण लिखित किया गया । नाशिक के दो लोगों सहित विद्या जाधव, विवेक तिवारी, शरद राव तथा रॉबर्ट को बंदी बनाया है, वहीं अन्य १० लोगों के विरुद्ध अपराध लिखित हुआ है । आरोपियों को ठाणे सीबीआई विशेष न्यायालय ने ४ दिन की पुलिस हिरासत में भेजा है ।

संपादकीय भूमिका 

अब तक इन्होंने कितने लोगों को ठगा है, इसका पता लगाकर पूरी रकम उनसे ब्याज सहित वसूल करनी चाहिए ।