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पैरिस (फ्रांस) – नेपाल के उपरांत अब यूरोपीय देश फ्रांस में भी राष्ट्रव्यापी आंदोलन आरंभ हुए हैं । फ्रांस की संसद में जहां पहले से ही अस्थिरता दिखाई दे रही है, ऐसे में १० सितंबर के सवेरे राजधानी पैरिस एवं अनेक बडे शहरों में पुलिस एवं आंदोलनकारियों के मध्य जोरदार झडप हुई । ‘ब्लॉक एवरीथिंग’ (सबकुछ बंद कीजिए) इस नाम से चल रहे इस आंदोलन के कारण पूरे देश में यातायात अस्तव्यस्त हुआ है । अकेले पैरिस में २०० से अधिक लोगों को बंदी बनाया गया है । आंदोलन पर नियंत्रण रखने के लिए ८० सहस्र से भी अधिक पुलिसकर्मियों एवं सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है । यह हिंसक आंदोलन ऐसे समय में हो रहा है, जब राष्ट्रपति इमैन्युएल मैक्रॉन ने देश के नए प्रधानमंत्री के रूप में सेबास्टियन लेकोर्नू को नियुक्त किया ।
इस प्रकार से चलाया जा रहा है आंदोलन !
१. मुखौटा पहने आंदोलनकारियों ने विभिन्न स्थानों पर कचरे के डिब्बे एवं ‘बैरिकेड्स’ लगाकर सडकें रोक ली ।
२. बोरदॉ एवं मार्सेल जैसे शहरों के चौकों पर भीड ।
३. पोलिसकर्मियों पर बोतलें फेंककर आक्रमण किया गया, साथ ही पैरिस के रेलस्थानक पर भी आक्रमण किया गया ।
४. आंदोलनाकारियों के केवल रेल एवं सडक यातायात ही नहीं रोकी, अपितु उन्होंने पेट्रोल पंप एवं दुकानों को भी लक्ष्य बनाया । यहां दुकानों को लूटने की संभावना भी व्यक्त की जा रही है ।
५. अधिकारियों ने यह अनुमान जताया है कि दूसरे दिन भी यह आंदोलन हिंसक बना रह सकता है ।
आंदोलन का संभावित कारण !
पूर्व प्रधानमंत्री फ्रैंकोइस बायरू ने देश का ऋण अल्प करने हेतु लगभग ३५ अरब यूरो (लगभग ३ लाख ७ सहस्र करोड रुपए) की कटौती की याजना प्रस्तुत की थी । जनता ने इस निर्णय का तीव्र विरोध किया, जिससे उनकी सरकार गिर गई ।
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