नासिक के सिंहस्थ कुंभपर्व में २५ करोड श्रद्धालुओं के आने की संभावना ! – गिरीश महाजन, जलसंपत्ति मंत्री

साधुग्राम हेतु स्थाईरूप से भूमि का अधिग्रहण करने के किए जाएंगे प्रयास !

गिरीश महाजन, जलसंपत्ति मंत्री

नासिक – यहां के सिंहस्थ कुंभपर्व में २५ करोड श्रद्धालु आने का अनुमान है । आनेवाले सभी श्रद्धालुओं को सुविधाएं दी जाएंगी । केवल इस सिंहस्थ में ही नहीं, अपितु गोदावरी नदी १२ महिने प्रवाहित रहे, इसके लिए सरकार प्रयास करेगी । कुंभपर्व के कार्यों के लिए धन का अभाव नही होने देंगे । कुंभपर्व में २ सहस्र ५०० सीसीटीवी कैमरों के द्वारा भीड का व्यवस्थापन किया जाएगा । ५ लाख वाहनों की व्यवस्था हो, ऐसा वाहनतल बनाया जाएगा । नासिक-त्र्यंबकेश्वर में रहनेवाले साधुओं के लिए सरकार से स्थाईरूप से भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा, ऐसी जानकारी महाराष्ट्र के जलसंपत्ति मंत्री गिरीश महाजन ने दी । एक समाचारपत्र की वर्षगांठ के कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने यह जानकारी दी । इस अवसर पर साधु-संत, आधुनिक वैद्य, पुरोहित तथा अन्य मान्यवर उपस्थित थे ।

कुंभपर्व के विषय में पूछे गए प्रश्नों के उत्तर देते हुए मंत्री गिरीश महाजन ने कहा,

१. निजी विमानों से आनेवाले श्रद्धालुओं के लिए ओझण, शिरडक्ष एवं छत्रपति संभाजीनगर में सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी । हवाई यातायात के मानचित्र पर नासिक का महत्त्व रेखांकित होगा । रेल एवं सडक यातायात की सुविधाएं नासिक के विकास में स्थाईरूप से योगदान देती रहेंगी ।

२. रेल स्थानक, देवळाली कैंप तथा नाले विकसित किए जाएंगे । नासिक एवं शिरडी के हवाई अड्डों पर सुविधाएं बढाई जाएंगी ।

३. साधुग्राम के विषय में निर्णय होने पर भूमिमालिक किसानों को उनकी भूमि का उचित मूल्य दिया जाएगा ।

४. त्र्यंबकेश्वर-नासिक सडक का ६ स्तरीय क्राकिटीकरण किया जाएगा । शहर को जोडनेवाले विभिन्न मार्गों की लंबाई भी बढाई जाएंगी । चारस्तरीय सडकों को छःस्तरीय तथा छःस्तरीय सडकों को ८ स्तरीय किया जाएगा ।

५. साधुओं-महंतों के निर्देशों के अनुसार अमृतस्नान (शाहीस्नान) का नियोजन किया जाएगा ।

६. त्र्यंबकेश्वर-नासिक ‘का ब्रैंडिंग’ (विशेष पहचान दिलाने का प्रयास) करने हेतु १ विशेष लोगो तैयार किया जाए, साथ ही पूरे राज्य में राज्य सरकारसहित सभी निजी संस्थाएं सिंहस्थपर्व का ‘ब्रैंडिंग’ करें । कुंभपर्व के माध्यम से नासिक विश्वस्तर पर अपनी पहचान बनाएगा; परंतु नासिक का महत्त्व धार्मिक पर्यटनस्थल के रूप में रेखांकित होगा ।

७. जिले की सभी महत्त्वपूर्ण सडकों पर २ लेन बढाई जाएंगी ।

८. श्रद्धालुओं को गोदावरी में स्नान करना सुविधाजनक हो; इसके लिए नदी में निर्मल एवं स्वच्छ जल उपलब्ध होने हेतु, साथ ही गोदावरी नदी के प्रदूषण की समस्या का स्थाई समाधान निकालने हेतु राज्य सरकार ने विशेष योजना बनाई है । गंगापुर बांधसहित परिसर के अन्य बांधों से पानी का पंपिंग कर उस पानी को गोदावरी नदी में छोडकर इस नदी को १२ महिनों तक प्रवाहित रखा जाएगा ।

९. राज्य सरकार कुंभपर्व के लिए सरकारी एवं निजी क्षेत्र के आधुनिक वैद्यों से सेवाएं लेकर उनकी सहायता से कुंभपर्व में स्वास्थ्य सुविधाओं पर ध्यान केंद्रित करेगी ।

१०. प्रशासन शहर के प्रत्येक घटक तथा सभी संस्थाओं को कुंभपर्व में सम्मिलित कर लेगा ।

११. सभी चिकित्सकीय सुविधाएं एक ही चिकित्सालय में उपलब्ध कराई गईं, तो उससे असुविधा हो सकती है; इसलिए शहर के सभी चिकित्सालयों की समीक्षा कर उनमें दी जानेवाली सुविधाएं तथा खाटों की उपलब्धता का विचार कर श्रद्धालुओं के लिए चिकित्सालयों का वर्गीकरण किया जाएगा ।

१२. वर्ष २००३ के कुंभपर्व के लिए दी गई भूमियों का मूल्य भूमि के मालिकों को अभी नहीं मिला है; परंतु इस कुंभपर्व के संदर्भ में ऐसा नहीं होगा ।

१३. त्र्यंबकेश्वर को ‘अ’ श्रेणी का तीर्थस्थल घोषित किया गया है, साथ ही नासिक का भी विशेष धार्मिक महत्त्व है । इसे ध्यान में लेते हुए साधु-महंतों सहित श्रद्धालुओं ने मांस एवं मदिरा की बिक्री बंद करने की जो मांग की है, इस मांग पर विचार किया जाएगा ।

१४. सिंहस्थपर्व में आनेवाले श्रद्धालुओं की संख्या बडी होती है । कुंभपर्व के समय श्रद्धालुओं से आवास के विषय में पूछा जाता है । उपाहारगृहों के बढे मूल्य के कारण श्रद्धालुओं को आर्थिक दंश झेलना पडता है । यह आर्थिक लूट रोकने के लिए शडर के धर्मादाय आयुक्त के पास पंजीकृत सभी धर्मशालाओं का अधिग्रहण किया जाएगा । श्रद्धालुओं की होनेवाली आर्थिक लूट टालने हेतु सरकार श्रद्धालुओं को आवास के लिए खाली घर (फ्ैलट) देने के प्रस्ताव पर विचार करेगी ।

१५. श्रद्धालुओं के आवास तथा भोजन की व्यवस्था हो, इस उद्देश्य से कॉफी कैफे, साथ ही उपाहारगृह उपलब्ध कराने की दृष्टि से विचार किया जाएगा ।