स्वातंत्र्यवीर सावरकर का अपमान करने का प्रकरण !
नई दिल्ली – कांग्रेस नेता राहुल गांधी को स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर पर लगाए गए आरोपों के संबंध में मुंबई स्थित सावरकर संग्रहालय में एक दिन झाड़ू लगाने जैसी सामुदायिक सेवा करने का निर्देश देने की मांग करने वाली याचिका को सर्वोत्तम न्यायालय ने निरस्त कर दिया है । यह याचिका डॉ. पंकज फडणीस द्वारा प्रविष्ट की गई थी । मुख्य न्यायाधीश भूषण गवई और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की खंडपीठ ने याचिका निरस्त करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता के किसी भी मूलभूत अधिकार का उल्लंघन नहीं हुआ है, अत: न्यायालय इस प्रकरण में हस्तक्षेप नहीं कर सकता ।
राहुल गांधी ने क्या कहा था ?
१७ नवंबर २०२२ को महाराष्ट्र के अकोला जिले में ‘भारत जोडो यात्रा’ के समय राहुल गांधी ने सार्वजनिक माध्यम के समक्ष एक पत्र दिखाते हुए कहा था कि, यह पत्र सावरकर ने अंग्रेजों को लिखा था । जिसमें उन्होंने लिखा था कि, वे अंग्रेजों के सेवक बने रहेंगे । उन्होंने भय के कारण क्षमा भी मांगी थी । महात्मा गांधी और नेहरू ने ऐसा कभी नहीं किया; अत: वे वर्षों तक कारागृह में रहे । सावरकर ने केवल भय के कारण, इस विधिक लेख पर हस्ताक्षर किए थे । यदि उन्हें भय नहीं होता, तो वे कभी हस्ताक्षर नहीं करते । सावरकर ने हस्ताक्षर कर गांधी और सरदार पटेल के साथ विश्वासघात किया ।
(बिना किसी गहन अध्ययन के, केवल सावरकर द्वेष के कारण राहुल गांधी ने इस प्रकार के वक्तव्य दिए हैं । न्यायालय इस पर निर्णय देगा; किन्तु जनता ने पहले ही कांग्रेस को सत्ता से बाहर फेंक दिया है, यह उन्हें स्मरण रखना चाहिए और स्वयं में सुधार करना चाहिए! – संपादक)

Bengaluru SIR : कर्नाटक में विशेष पुनरावलोकन प्रक्रिया में उजागर हुआ कि बेंगलुरु में ९७ लाख मतदाताओं में से ४ लाख अवैध
TMC Cut Money : बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के नेता उत्कोच (रिश्वत) के रुपये लोगों को कर रहे हैं वापस !
Delhi Hotel Fire : दिल्ली के होटल में लगी भीषण आग में २१ लोगों की मृत्यु
सर्वोच्च न्यायालय में ५ नए न्यायाधीश, अब एक पद रिक्त !
Hanif Sheikh Arrested : संदिग्ध निदा खान को आश्रय देनेवाले घर के मालिक हनीफ शेख को बंदी बनाया गया ।
Census in Maharashtra 2026 : काम में लापरवाही सहन नहीं करेंगे ।