
पेशावर (पाकिस्तान) – यहां ५६ वर्षीय हिन्दू स्वच्छता कर्मचारी नदीम नाथ ने केवल इस्लाम स्वीकारने को नकार देने से गोलियां दाग कर उसकी हत्या की गई । इस प्रकरण में पुलिस ने मुश्ताक नामक अपराधी को बंदी बनाया है । उसने हत्या करने की बात स्वीकार की ।
१. नदीम के भाई सागर नाथ ने पुलिस को बताया कि ’मुश्ताक पिछले २-३ महीनों से इस्लाम धर्म स्वीकारने हेतु नदीम पर दबाव डाल रहा था । नदीम ने प्रत्येक बार नकार दिया; परंतु इस्लामी कट्टरता के सामने वह कुछ नहीं कर सका । मुश्ताक ने मेरे भाई के सर में गोली दागी । वह हमें चेतावनी देता था कि ‘यदि हमने धर्मपरिवर्तन नहीं किया, तो वह हमें मार डालेगा’।
२. नदीम के मित्रों ने बताया कि वह किसी से कष्ट दिए जाने के कारण अस्वस्थ था; परंतु घर में सबसे बडा होने के कारण उसने परिवारजनों को कुछ भी नहीं बताया । एक मेहनती मनुष्य को केवल हिन्दू होने के कारण जीवन गंवाना पडा ।
संपादकीय भूमिका
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