छत्रपति शिवाजी महाराज की नीति का अनुकरण करते हुए भारत को ‘हिन्दू राष्ट्र’ बनाने हेतु संगठित हों ! – प्रमोद मुतालिक, अध्यक्ष, श्रीराम सेना
मुगलों के अत्याचार से जनता त्रस्त थी और महिलाओं के साथ अत्याचार हो रहे थे । ऐसे समय में छत्रपति शिवाजी महाराजजी ने बचपन में ही सामान्य जनता, श्रमिक और किसानों को संगठित कर अपनी सेना खडी की । उनमें देवता, देश एवं धर्म की रक्षा हेतु स्वाभिमान जागृत किया ।