
इस्लामाबाद – पाकिस्तान को एक बार पुन: चीन से करोड़ों रुपए का चूना लगा है । इसके चलते पाकिस्तानी वायुसेना इस वर्ष अपने ZDK-03 कराकोरम ईगल एयरबोर्न अर्ली वॉर्निंग एंड कंट्रोल’ लडाकू विमान वायुसेना से निवृत्त कर देगी । भारत द्वारा इजरायल से खरीदे गए ‘अवाक्स’ विमानों से निपटने के लिए पाकिस्तान ने चीन से करोड़ों रुपए के चार ‘ZDK-03 कराकोरम’ विमान खरीदे, जो निरुपयोगी निकले । इसलिए, पाकिस्तानी वायुसेना अब हवाई निगरानी के लिए स्वीडिश कंपनी साब के ‘2000 इरीए अवाक्स’ विमान पर निर्भर रहेगी ।
विशेषज्ञों के अनुसार, पाकिस्तान का ZDK-03 कराकोरम चीन के शांक्सी Y8 पर आधारित है । इन विमानों की खरीद के बाद पाकिस्तान ने दावा किया था कि ये विमान लंबी दूरी तक निगरानी कर सकेंगे । पाकिस्तान इन विमानों के द्वारा भारत के साथ अफगानिस्तान की गतिविधियों पर भी दृष्टि रखने वाला था ।
चीन ने २०११ से २०१५ की अवधि में पाकिस्तान को इन विमानों की आपूर्ति की थी । पाकिस्तान के इन विमानों को अचानक रिटायर करने के निर्णय से इन चीनी विमानों की क्षमता तथा विश्वसनीयता पर प्रश्न खड़े हो गए हैं । कहा जा रहा था कि इन चीनी विमानों को तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है । पाकिस्तान वायुसेना में स्वीडन का ‘2000 इरीए अवाक्स’ विमान बहुत प्रभावी तथा विश्वसनीय माना जाता है । इनकी संख्या बहुत कम है इसलिए पाकिस्तानी सेना ने अब बड़े हथियारों के लिए अमेरिका समेत पश्चिमी देशों का रुख किया है ।
संपादकीय भूमिकापाकिस्तान की आर्थिक स्थिति पहले से ही बहुत बुरी है, चीन की इस धोखाधड़ी ने इसमें और वृद्धि कर दी है ! चीन से संबंध रखने पर और क्या होगा ? |
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