संयुक्त राष्ट्र की किसी भी शक्ति ने गाजा पर अपना नियंत्रण किया तो, उसका विरोध करने की चेतावनी !

तेल अवीव (इजरायल) – हमास को समाप्त करने के उपरांत संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व वाली किसी भी अंतरराष्ट्रीय शक्ति ने गाजा पर नियंत्रण किया तो इजरायल उसका विरोध करेगा । इजरायल ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, ’’हमारा मानना है कि गाजा की वर्तमान परिस्थिति के लिए संयुक्त राष्ट्र उत्तरदायी है ।’’ संयुक्त राष्ट्र में इजरायल के राजदूत गिलाद एर्दन ने इजरायल के एक समाचारपत्र को दिए साक्षात्कार में उपरोक्त भूमिका प्रस्तुत की ।
एर्दन ने कहा कि…
१. यह संयुक्त राष्ट्र ही था जिसने हमास को इजरायल तथा विश्व के विरोध में गाजा का ’युद्ध मशीन’ के रूप में उपयोग करने की अनुमति दी थी।
२. युद्ध जीतने के उपरांत इजरायल को संयुक्त राष्ट्र के साथ संबंधों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए ।
३. संयुक्त राष्ट्र के जो अधिकारी अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं, उन्हें वीजा नहीं देना चाहिए । वे हमास द्वारा दिए गए आधारहीन बयानों को प्रसारित कर रहे हैं ।’ उसके कारण ही पिछले १६ वर्षों से हमास संयुक्त राष्ट्र की उपस्थिति में अनेक भयंकर कार्य कर रहा है ।
अरब देशों के साथ गाजा के भविष्य पर चर्चा करेंगे !
हमास को नष्ट करने के उपरांत हम गाजा के भविष्य पर अरब देशों के साथ चर्चा करेंगे । मूलतः हम अरब देशों के लिए भी हमास की गंदगी को स्वच्छ करने का कार्य कर रहे हैं । गिलाद एर्दन ने यह भी कहा कि मुझे विश्वास है कि हमास कई अरब देशों का भी शत्रु है, जैसे वह हमारा शत्रु है।
संपादकीय भूमिकातत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के कारण कश्मीर का मुद्दा संयुक्त राष्ट्र में उठाया गया और अब वह जटिल समस्या बन गया है । यह जानते हुए ही कदाचित् इजरायल संयुक्त राष्ट्र को चेतावनी दे रहा है ! इसके आधार पर ही अब भारत को संयुक्त राष्ट्र की अनदेखी कर कश्मीर पर नियंत्रण पाने के लिए सैन्य कार्रवाई करनी चाहिए ! |
भारत बलपूर्वक घुसपैठियों को बांग्लादेश में धकेल रहा है ! – Bangladesh Allegation
भारत पर दबाव लाना वैश्विक स्थिरता के लिए अत्यन्त घातक ! – Russia President Putin
प्रधानमंत्री मोदी मुझे बहुत पसंद हैं, वे मेरे अच्छे मित्र हैं ! – Donald Trump
अमेरिकी संसद में ईरान के विरुद्ध युद्ध रोकने का प्रस्ताव पारित
India-Nepal Border Dispute : नेपाल के साथ सीमा विवाद में किसी तीसरे पक्ष की आवश्यकता नहीं – भारत
बांग्लादेश के विरोध के कारण घुसपैठियों को सीमा पार वापस भेजना हुआ कठिन ।