
श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर) – भारतीय सेना की जानकारी के अनुसार जम्मू-कश्मीर में वर्तमान में १०७ आतंकवादी कार्यरत हैं तथा उनमें से पूरे ७१ पाकिस्तानी हैं । शेष ३८ जम्मू-कश्मीर के ही निवासी हैं । पिछले कुछ वर्षों से सेना द्वारा क्रियान्वित जांच-अभियान के समय हुई मुठभेड में अनेक आतंकवादियों को मार दिया गया है । पिछले वर्ष १८७ आतंकवादियों को मारा गया है, जबकि इस वर्ष २० जुलाई तक मुठभेड मे ३५ आतंकवादियों की मृत्यु हुई है ।
विगत ५ वर्षों में मारे गए आतंकवादियों की संख्या !
| वर्ष | मारे गए आतंकवादी |
| 2018 | 257 |
| 2019 | 157 |
| 2020 | 221 |
| 2021 | 180 |
| 2022 | 187 |
| 2023 | 35 |
शरण आए आतंकवादियों की संख्या अत्यल्प क्यों है ?
जम्मू-कश्मीर पुलिस एवं सेना-अधिकारी की जानकारी के अनुसार, स्थानीय निवासियों में से जो युवक ‘आतंकवादी’ के रूप में आतंकवादी संगठनों में सहभागी होते हैं, उनमें से बहुत थोडे लोग ही सेना की शरण जाते हैं । विगत ५ वर्षों के आंकडों से सामने आया है कि यह केवल १३ है । अधिकारियों ने कहा है कि जब एक-दो कश्मीरी युवक लापता होते हैं, तब पुलिस एवं उनके परिजन उनकी सुध (शोध) लेने लगते हैं । सामान्यतः ३-४ सप्ताह के उपरांत आतंकवादी संगठन उन युवकों के हाथ में हथियार लिए हुए छायाचित्र सामाजिक माध्यमों द्वारा प्रसारित करते हैं । इस पर रक्षातंत्र उन युवकों को ‘आतंकवादी’ के रूप में घोषित कर देता है ।
आतंकवादी दोगुने हथियार के रूप में इसका लाभ उठाते हैं । यदि एक-दो युवक को पुनः मुख्य प्रवाह में जाने की इच्छा हो, तो ऐसे युवकों के हथियार के साथ खींचे गए छायाचित्र सामाजिक माध्यमों से प्रधानता से प्रसारित किए जाते हैं । इस कारण सेना उनको आतंकवादी घोषित कर देती है । सहज ही ऐसे युवक मुख्य प्रवाह में सम्मिलित नहीं हो सकते । आतंकवादी गतिविधियों में सहभागी होने के लिए उनको बाध्य किया जाता है । इसलिए गत ५ वर्षों में बहुत थोडे युवक आतंकवादी संगठन छोडकर वापस आए हैं ।
जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों की भर्ती के वर्षानुसार आंकडे !
| वर्ष | आतंकवादियों की संख्या |
| 2018 | 187 |
| 2019 | 121 |
| 2020 | 181 |
| 2021 | 142 |
| 2022 | 91 |
मुठभेड में मारे गए आतंकवादियों की संगठनानुसार संख्या
| आतंकवादी संगठन | मारे गए आतंकवादी |
| लश्कर-ए-तोयबा | 5 |
| हिजबुल मुजाहिदीन | 1 |
| अल्-बदर | 1 |
| जैश-ए-महम्ममद | 1 |
| पहचान नहीं | 27 |
| कुल | 35 |
जम्मू-कश्मीर में ‘हाइब्रिड’ आतंकवादियों का बढता संकट !सुरक्षादल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी दी है कि वर्तमान में राज्य में १०९ आतंकवादी सक्रिय हैं । उनमें से ३८ स्थानीय एवं ७१ विदेशी आतंकवादी हैं । वर्तमान में घुसपैठ की बडी घटना नहीं हुई है । वर्तमान में ये आतंकवादी कहां छुपे हैं, इसकी जांच की जा रही है; परंतु पाकिस्तान का आतंकवादी संगठन ‘हाइब्रिड’ आतंकवादी तैयार कर रहा है । ‘हाइब्रिड’ आतंकवादी अर्थात भूमिगत जिहादी । वे खुलेआम आतंकवादी गतिविधियां नहीं करते, इसलिए स्थानीय लोग एवं पुलिस को उनके संदर्भ में शंका नहीं होती । |
संपादकीय भूमिकापाकिस्तान की भूमि जिहादी आतंकवाद का उद्गम-स्थान है । भारतीयों के मूल पर घाव करनेवाले इन जिहादियों को समाप्त करने के लिए उनके निर्माता पाकिस्तान को भारत कब समाप्त करेगा ? |
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