हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा आयोजित ‘ऑनलाइन’ विशेष संवाद : ‘हेट स्पीच’ (द्वेषयुक्त भाषण) अथवा हिन्दुओं को लक्ष्य बनाने का वामपंथी षड्यंत्र ?’

मुंबई (महाराष्ट्र) – हमारे देश में आज के समय में अनेक राजनेता तथा हिन्दूविरोधी लोग नियमित रूप से ‘हेट स्पीच’ दे रहे हैं । उसके विरुद्ध किसी भी न्यायालय में अभियोग प्रविष्ट नहीं किया जाता । ‘हेट स्पीच’ क्या है ?’, इसकी स्पष्टतापूर्ण परिभाषा होना आवश्यक है । आजकल न्यायाधीश निर्णय देते समय कानून बनाने लगे हैं । कानून बनाना न्यायाधिकों का नहीं, अपितु संसद का काम है । ‘भारत के टुकडे न हों’, इसके लिए हिन्दुओं द्वारा जनजागरण किया जाना क्या ‘हेट स्पीच’ है ?’ तथा कोई हिन्दू ‘अपना देश एवं धर्म बचाने के विषय में बोल रहा हो, तो क्या वह ‘हेट स्पीच’ है ?’ सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता सुभाष झा ने स्पष्टता से यह प्रश्न उठाया । हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा आयोजित ‘हेट स्पीच’ अथवा हिन्दुओं को लक्ष्य बनाने का वामपंथी षड्यंत्र ?’ विषय पर आयोजित ‘ऑनलाइन विशेष संवाद’ में वे ऐसा बोल रहे थे ।
‘हेट स्पीच’ का संदर्भ देकर हिन्दू वक्ताओं में भय उत्पन्न किया जा रहा है ! – सुरेश चव्हाणके, मुख्य संपादक, सुदर्शन चैनल

अमेरिका में ‘इस्लामोफोबिया’ (इस्लाम के प्रति द्वेष) के विषय में कानून बनाया गया है । भारत में ऐसा कानून लाया नहीं जा सकता; इसलिए ‘हेट स्पीच’ का यह अगला संस्करण आगे बढाया गया है । हिन्दुओं की विभिन्न सभाओं से हिन्दुओं में जागृति लाई जा रही है, जिससे जिहादी तिलमिला गए हैं । हिन्दुओं की सभाओं में बोलनेवले वक्ताओं तथा आयोजकों के विरुद्ध परिवाद (शिकायतें) प्रविष्ट कर उनमें भय उत्पन्न किया जा रहा है । जळगांव में हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा आयोजित ‘‘हिन्दू राष्ट्र-जागृति सभा’ में मेरे द्वारा दिए गए भाषण को ‘हेट स्पीच’ का संदर्भ देकर मेरे विरुद्ध परिवाद प्रविष्ट हुआ । हिन्दुत्वनिष्ठ विधायक टी. राजा सिंह एवं राष्ट्रप्रेमी काजल हिन्दुस्थानी को ‘हेट स्पीच’के नाम पर बंदी बनाया गया था । इन सभी घटनाओं के विरुद्ध लडने के लिए अधिवक्ताओं का संगठित होना आवश्यक है ।
हिन्दू वक्ताओं पर ‘हेट स्पीच’ के अपराध पंजीकृत किए जाना बडा षड्यंत्र ! – प्रशांत जुवेकर, जळगांव जिला समन्वयक, हिन्दू जनजागृति समिति

वर्ष २००८ से लेकर हम प्रतिवर्ष जळगांव में हिन्दू राष्ट्र-जागृति सभाएं लेकर जनजागरण कर रहे हैं; परंतु २५ दिसंबर २०२२ को सभा संपन्न होने के उपरांत कहीं भी कानून-व्यवस्था बिगडने की घटना नहीं हुई; परंतु तब भी प्रशासन पर दबाव डालकर ९ मई २०२३ को हिन्दुओं के विरुद्ध अपराध पंजीकृत किया गया । वर्ष २०१२ में मुंबई में रजा अकादमी ने सभा कर दंगा कराया; परंतु उस सभा में बोलनेवाले वक्ताओं पर कोई अपराध पंजीकृत नहीं हुआ । धर्मांधों के ऐसे अनेक उदाहरण दिए जा सकते हैं । जळगांव में किसी प्रकार की घटना न होने के उपरांत भी हिन्दुओं पर ‘हेट स्पीच’ के अपराध पंजीकृत किए जाते हैं, यह एक बडा षड्यंत्र है ।
भारत को हिन्दू राष्ट्र घोषित नहीं किया गया, तो उसका इस्लामीकरण होने में समय नहीं लगेगा ! – अधिवक्ता सुभाष झा

भारत में हिन्दू अपने अस्तित्व की लडाई लड रहे हैं । पिछले कुछ दशकों में बने अफगानिस्तान, श्रीलंका, नेपाल, भूतान, म्यांमार, पाकिस्तान आदी देशों को भारत से तोडा गया । इनमें से २ इस्लामी राष्ट्र बन गए । इस देश के पुनः टुकडे कर इस देश का विभाजन किया जा सकता है, इस संकट के विषय में हिन्दुओं को सतर्क किया जाना चाहिए । भारत को यदि हिन्दू राष्ट्र घोषित नहीं किया गया, देश का इस्लामीकरण होने में समय नहीं लगेगा ।
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