
वाशिंगटन (अमेरिका) – हम अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सहित लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण हेतु भारत सरकार के साथ लगातार संपर्क में हैं। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता वेदांत पटेल ने कहा, “कानून का शासन और न्यायिक स्वतंत्रता का सम्मान किसी भी देश के लोकतंत्र के मुख्य स्तंभ हैं और हम भारतीय न्यायालयों में राहुल गांधी के प्रकरण पर ध्यान रख रहे हैं ।”
The United States is watching the court case of Congress party leader Rahul Gandhi, an official has said#IEWorld #UnitedStateshttps://t.co/rchvwv374J
— The Indian Express (@IndianExpress) March 28, 2023
पटेल ने कहा कि हम भारत के समक्ष लोकतांत्रिक सिद्धांतों और मानवाधिकारों की रक्षा के महत्व को रेखांकित कर रहे हैं । इसमें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता भी सम्मिलित है । यह दोनों देशों में लोकतंत्र को सशक्त करने की कुंजी है।
संपादकीय भूमिकाराहुल गांधी को संसद की सदस्यता से निलंबित करना भारत का आंतरिक विषय है । अमेरिका को इस विषय में भारत के संपर्क में रहने की कोई आवश्यकता नहीं है । भारत ने कभी भी ‘ब्लैक लिव्ह मैटर्स’ (अश्वेतों को दिए जाने वाले हीन व्यवहार के विरुद्ध एक अमरीकी आंदोलन) के संबंध में कभी अमेरिका के संपर्क में रहने का प्रयत्न नहीं किया, भारत ने अमेरिका को यह जताना अपेक्षित है ! |
(और इनकी सुनिए…) ‘राहुल गांधी के विरुद्ध की गई कार्रवाई अनुचित है !’ – अमेरिकी सांसद रो खन्ना

भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद रो खन्ना ने कहा कि राहुल गांधी को लोकसभा की सदस्यता से निलंबित करना गांधीवादी विचारधारा के साथ बडा विश्वासघात है । राहुल गांधी के विरुद्ध यह कार्रवाई ‘मोदी’ उपनाम को लेकर उनकी आलोचना के कारण की गई है । यह अनुचित है ।
संपादकीय भूमिकाराहुल गांधी के विरुद्ध की गई कार्रवाई भारतीय संविधान के नियमों के अनुसार की गई है । भारत को स्पष्ट कर देना चाहिए कि संवैधानिक अध्ययन के अभाव में किसी अन्य देश के नागरिक को इस प्रकार के अनर्गल वक्तव्य देने का अधिकार नहीं है ! |
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