
‘प.पू. डॉक्टरजी ने एक साधिका को बताया था कि आध्यात्मिक उन्नति २० वर्ष उपरांत होगी । उसके उपरांत उत्तरदायी साधकों ने उसकी सहायता करने के लिए न जाने कितने प्रयास किए; परंतु तब भी उसमें साधना के संदर्भ में किसी प्रकार का भान उत्पन्न नहीं हो रहा था ।
परात्पर गुरु डॉक्टरजी द्वारा उसके विषय में व्यक्त किए उद्गारों के १६ वर्ष उपरांत उसमें साधना के प्रति अंतर्मुखता आने लगी है तथा उसकी आध्यात्मिक उन्नति हो रही है ।
इससे ‘परात्पर गुरुदेवजी के २० वर्ष पूर्व के बोल किस प्रकार सत्य सिद्ध हो रहे हैं’, यह ध्यान में आता है तथा उनके द्रष्टापन की प्रतीति होती है ।
साधको, ‘मेरी आध्यात्मिक उन्नति कब होगी ?’, इसकी चिंता किए बिना परात्पर गुरुदेवजी के प्रति श्रद्धा रखकर उत्कंठापूर्वक प्रयास करते रहें !’
– श्रीसत्शक्ति (श्रीमती) बिंदा सिंगबाळ, सनातन आश्रम, रामनाथी, गोवा. (५.१२.२०२२)
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम !
संपादकीय : आर्थिक अनुशासन
हिन्दू जनजागृति समिति के हिन्दू राष्ट्र संपर्क अभियान अंतर्गत राष्ट्रीय मार्गदर्शक सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी की मध्य प्रदेश यात्रा !
ज्ञानमूर्ति, निर्गुण तत्त्व की नित्य अनुभूति देनेवाले एवं ब्रह्मानंद में निमग्न रहनेवाले सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी
सच्चिदानंद परब्रह्म गुरुदेवजी द्वारा ३० वर्ष पूर्व दिए गए आशीर्वचन को साधक क्षण-क्षण अनुभव कर रहे हैं !
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी एकमेवाद्वितीय एवं अवतारी पुरुष क्यों हैं ?