
छत्रपति शिवाजी महाराज के उदय से पूर्व गोमाता की गर्दन पर कसाई की छुरी कब चलेगी, यह बताया नहीं जा सकता था । महाराज का हिन्दू राष्ट्र स्थापित होते ही अभीतक आंखों से मौन होकर आंसू बहानेवाली गोमाताएं आनंदित होकर रंभाने लगीं । उस समय महाराज के पास ‘गोहत्या बंद कीजिए !’, इस मांग को लेकर लाखों हस्ताक्षर नहीं पहुंचे अथवा महाराज ने भी अपने मंत्रिमंडल में ‘गोहत्या प्रतिबंधक विधेयक’ नहीं रखा । केवल उस समय हुई हिन्दू राष्ट्र की स्थापना ही हिन्दूविरोधियों के मन में भय उत्पन्न करने में पर्याप्त सिद्ध हुई ! ‘केवल गोहत्याबंदी कानून करना पर्याप्त नहीं है, अपितु देश में गोपालक राज्यकर्ता होना भी उतना ही महत्त्वपूर्ण है ।’, यह इससे ध्यान में आता है । ऐसे राज्यकर्ता मिलने के लिए धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्र नहीं, अपितु धर्माधिष्ठित हिन्दू राष्ट्र ही चाहिए ! (संदर्भ : सनातन का ग्रंथ ‘गोसंवर्धन’)
Cow Slaughter Ban : राष्ट्रव्यापी गोहत्या-निषेध लागू करने का कोई भी प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है ! – केंद्र सरकार
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम !
संपादकीय : आर्थिक अनुशासन
हिन्दू जनजागृति समिति के हिन्दू राष्ट्र संपर्क अभियान अंतर्गत राष्ट्रीय मार्गदर्शक सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी की मध्य प्रदेश यात्रा !
ज्ञानमूर्ति, निर्गुण तत्त्व की नित्य अनुभूति देनेवाले एवं ब्रह्मानंद में निमग्न रहनेवाले सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी
सच्चिदानंद परब्रह्म गुरुदेवजी द्वारा ३० वर्ष पूर्व दिए गए आशीर्वचन को साधक क्षण-क्षण अनुभव कर रहे हैं !