ऐसी मांग प्रशासन से क्यों करनी पडती है ? प्रशासन स्वयं इसपर कुछ कार्रवाई क्यों नहीं करता ?

पटना (बिहार) – १५ अगस्त एवं २६ जनवरी को राष्ट्र की अस्मिता स्वरूप राष्ट्रध्वज अभिमान के साथ फहराए जाते हैं; परंतु उसी दिन यही कागदी/प्लास्टिक के छोटे राष्ट्र्र्रध्वज जो तुरंत नष्ट भी नहीं होते, वे सडकों, कचरे और नालों में पडे मिलते हैं । यह राष्ट्रध्वज का अनादर है । वर्तमान में दुकानों में तथा ‘ऑनलाइन’ पद्धति से तिरंगे के रंग के मास्क का विक्रय होते हुए दिखाई दे रहा है । ध्वजसंहिता के अनुसार राष्ट्रध्वज का अपमान ही है ।
राष्ट्रध्वज के होनेवाले अपमान को रोकने के लिए मध्य प्रदेश के जबलपुर, बिहार के पटना, हाजीपुर, मुजफ्फरपुर तथा उत्तर प्रदेश के वाराणसी में हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा जिलाधिकारी तथा पुलिस प्रशासन को ज्ञापन दिया गया ।
इस समय अधिवक्ता अरुण कुमार मौर्या, अधिवक्ता स्वतंत्र सिंह भूतपूर्व भाजपा विधिज्ञ परिषद संयोजक, अधिवक्ता कमलेश कुमार सिंह, अधिवक्ता संजीवन यादव, अधिवक्ता सुधीर कुमार चंचल, अधिवक्ता अभिषेक कुमार, अधिवक्ता राहुल कुमार तथा हिन्दू जनजागृति समिति के श्री. राजन केशरी तथा अन्य राष्ट्रप्रेमी उपस्थित थे ।
राष्ट्रध्वज का यह अनादर रोकने के लिए हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा मुंबई उच्च न्यायालय में जनहित याचिका (१०३/२०११) प्रविष्ट की गई थी । इस संबंध में सुनवाई करते हुए न्यायालय ने प्लास्टिक के राष्ट्रध्वज द्वारा होनेवाला अपमान रोकने का आदेश सरकार को दिया था । उसके अनुसार केंद्रीय और राज्य गृह विभाग तथा शिक्षा विभाग ने संबंधित परिपत्रक भी निकाला है । महाराष्ट्र सरकार ने भी राज्य में ‘प्लास्टिक बंदी’ का निर्णय लिया है । उसके अनुसार भी ‘प्लास्टिक के राष्ट्रध्वजों का विक्रय करना’ अवैधानिक है ।
क्षणिकाएं
ज्ञापन देते समय अपर पुलिस आयुक्त ने कहा कि आप राष्ट्रहित में बहुत अच्छा कार्य कर रहे हैं । मैं अभी सभी थानों को इस पर कार्यवाही करने के लिए भेजती हूं और आपके पास कोई ऑडियो है तो आप मुझे दीजिए वाराणसी के सभी चौराहों पर जो ऑडियो बज रहे हैं उसके माध्यम से वह बजेंगे।
जबलपुर में हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा यहां के जिलाधिकारी के नाम से कार्यालय अधीक्षण महेशसिंह जाटव, साथ ही नगरपालिका आयुक्त आशीष वशिष्ठ को ज्ञापन प्रस्तुत किया गया । उसके उपरांत आयुक्त वशिष्ठ ने इस संदर्भ में परिपत्रक निकालकर उचित कार्यवाही करने का आश्वासन दिया । इस अवसर पर समिति के मध्य प्रदेश एवं राजस्थान समन्वयक श्री. आनंद जाखोटिया, श्री. अनिल गणोरकर, श्रीमती अर्चना गणोरकर और संजना गणोरकर उपस्थित थे ।
इस समय निम्नांकित मांगें की गईं –१. न्यायालय के आदेशानुसार सरकार राष्ट्रध्वज का अपमान रोकने के लिए उद्बोधन करनेवाली कृति समिति स्थापित करे । इस समिति में हिन्दू जनजागृति समिति जागृति करने के लिए आपकी सहायता करेगी । २. प्लास्टिक के राष्ट्रध्वज का उत्पादन और बिक्री हो रही हो, तो संबंधित उत्पादकों पर तत्काल कार्यवाही की जाए । ३. विद्यालयों में ‘राष्ट्रध्वज का सम्मान करें’, यह उपक्रम कार्यान्वित करने तथा इस विषय पर जागृति करने के लिए समिति द्वारा बनाई गई दृश्य-श्रव्य चक्रिकाएं विविध केबलवाहिनियों, चलचित्रगृहों में दिखाने की अनुमति दी जाए । |
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