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मुंबई – श्रीलंका की ‘इंटरनेशनल इन्स्टिट्यूट ऑफ नॉलेज मैनेजमेंट’ ने १५ अक्टूबर को २ भिन्न विषयों पर परिषदों का आयोजन किया था । ८ वीं ‘अंतरराष्ट्रीय सामाजिक विज्ञान परिषद’ की प्रथम परिषद में महर्षि अध्यात्म विश्वविद्यालय द्वारा प्रस्तुत किए गए शोधनिबंध ‘भयानक चलचित्रों (‘हॉरर मूवी’) का सूक्ष्म परिणाम’ को ‘सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुतकर्ता – प्रसारमाध्यम’ पुरस्कार प्राप्त हुआ है । इस परिषद में २० देशों से शोधनिबंध प्रस्तुत किए गए । ‘अंतरराष्ट्रीय पुरातत्व इतिहास और धरोहर परिषद’ इस द्वित्तीय परिषद में महर्षि अध्यात्म विश्वविद्यालय द्वारा ‘पुरातात्त्विक स्थलों के विषय में आध्यात्मिक दृष्टिकोण’ शोधनिबंध प्रस्तुत किया गया । इस परिषद में १५ देशों से २५ शोधनिबंध प्रस्तुत किए गए, जिसमें से महर्षि अध्यात्म विश्वविद्यालय के शोधनिबंध को ‘सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुतकर्ता’ पुरस्कार प्राप्त हुआ ।
ये दोनों शोधनिबंध महर्षि अध्यात्म विश्वविद्यालय के ६४ प्रतिशत आध्यात्मिक स्तर प्राप्त श्री. शॉन क्लार्क ने रामनाथी (गोवा) से ‘ऑनलाइन’ प्रस्तुत किए । महर्षि अध्यात्म विश्वविद्यालय के संस्थापक परात्पर गुरु डॉ. जयंत आठवलेजी इन दोनों शोधनिबंध के लेखक हैं तथा सहलेखक श्री. शॉन क्लार्क हैं । महर्षि अध्यात्म विश्वविद्यालय द्वारा अब तक १५ राष्ट्रीय और ६४ अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक परिषदों में शोधनिबंध प्रस्तुत किए गए हैं । इनमें से ७ अंतरराष्ट्रीय परिषदों में विश्वविद्यालय को ‘सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार’ प्राप्त हुए हैं ।
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम !
संपादकीय : आर्थिक अनुशासन
हिन्दू जनजागृति समिति के हिन्दू राष्ट्र संपर्क अभियान अंतर्गत राष्ट्रीय मार्गदर्शक सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी की मध्य प्रदेश यात्रा !
ज्ञानमूर्ति, निर्गुण तत्त्व की नित्य अनुभूति देनेवाले एवं ब्रह्मानंद में निमग्न रहनेवाले सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी
सच्चिदानंद परब्रह्म गुरुदेवजी द्वारा ३० वर्ष पूर्व दिए गए आशीर्वचन को साधक क्षण-क्षण अनुभव कर रहे हैं !
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी एकमेवाद्वितीय एवं अवतारी पुरुष क्यों हैं ?