संपूर्ण देश में केवल डॉ स्वामी एकमात्र राजनेता हैं, जो ऐसी मांग कर रहे हैं । अन्य राजनेताओं को ऐसी मांग करनी चाहिए, ऐसा क्यों नहीं लगता है ? अथवा, क्या ‘तालिबान जो कर रहा है, वह उचित है’ ऐसा मुसलमानों के मत प्राप्त करना राजनेताओं को लगता है ? यदि हां, तो वे यह स्पष्ट क्यों नहीं करते, कि वो तालिबान का समर्थन करते हैं ? – संपादक

नई दिल्ली : भारतीय मुसलमान मौलवियों को अफगानिस्तान में महिलाओं के साथ हो रहे अभद्र आचरण एवं अमानवीय व्यवहार की निंदा करनी चाहिए, ऐसी भारत के देशभक्त नागरिकों की अपेक्षा है । तालिबानी इस्लामी धर्मग्रंथों के आधार पर उनके कृत्यों का समर्थन करते हैं । यदि भारत के धार्मिक नेताओं को लगता है कि, ‘तालिबानी कृत्यों को धर्मग्रंथों का आधार नहीं है’, तो उन्हें तालिबान की अमानवीयता की निंदा करनी चाहिए, ऐसी मांग भाजपा नेता एवं राज्यसभा सांसद डॉ सुब्रह्मण्यम स्वामी ने ट्वीट कर की है ।
Patriotic citizens of India expect Indian Muslim Clerics to protest against the uncivilized behaviour and brutality of treatment of women in Afghanistan. The Taliban quotes the Islamic scriptures to justify it. If Clerics deny that scriptures justify this, then they must protest.
— Subramanian Swamy (@Swamy39) October 5, 2021
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