‘पेटा’ द्वारा भारत में दुग्ध व्यवसाय नष्ट करने का प्रयास किए जाने का आरोप
अगर ‘पेटा’ जैसे संगठन भारत विरोधी गतिविधियां कर रहे हैं, तो सरकार को स्वयं ही उन पर प्रतिबंध लगाना चाहिए ! ‘पेटा’ जैसे पशु कल्याण संगठन बकरी ईद के दिन गायब हो जाते हैं, यह सर्वविदित है !

नई देहली – ‘भारत के दुग्ध व्यवसाय करने वाले प्रतिष्ठान ‘अमूल’ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर भारत में ‘पेटा'(पीपल ऑफ द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स) पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है।
Amul Vice-Chairman Valamji Humbal urges PM Modi to ban PETA; alleges a 'foreign conspiracy'https://t.co/FH9cu166CN
— Republic (@republic) June 3, 2021
अमूल के उपाध्यक्ष वलमजी हंबल ने आरोप लगाया है कि, पेटा संस्था लोगों की आजीविका नष्ट करने का प्रयास कर रही है । इससे भारत के दुग्ध उद्योग की छवि धूमिल हो रही है । पेटा की कार्रवाइयां भारत के सकल राष्ट्रीय उत्पाद पर विपरीत प्रभाव डाल सकती हैं । पेटा द्वारा दुग्ध उत्पादकों को बेरोजगार बनाने का प्रयास किया जा रहा है । पेटा जैसे गठन ‘सिंथेटिक(कृत्रिम)’ दूध का उत्पादन करने वाले बहुराष्ट्रीय प्रतिष्ठानों को प्रोत्साहन देने का प्रयास कर रहे हैं । इसके लिए अफवाह फैलार्इ जा रही है कि, भारत में पशु हिंसा की जाती है ।इसके विपरीत भारत में पशुओं को परिवार के सदस्य के रूप में देखा जाता है ।
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पेटा इंडिया संस्था ने अमूल को ‘वीगल’ अर्थात जो दूध प्राणियों द्वारा उत्पादित नहीं होता, वैसा दूध बनाने की आवाहन किया था इसमें वनस्पति द्वारा दूध का उत्पादन किया जाता है ।
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(और इनकी सुनिए…) ‘ वर्तमान काल में वैकुंठगमन इत्यादि कहना मुझे स्वीकार्य नहीं है, यह विशिष्ट वर्ग द्वारा थोपी गई बातें हैं । ’- Sharad Pawar
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